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Viagra किसे नहीं लेना चाहिए?

Viagra एक दवा है जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसमें Sildenafil Citrate नाम का नमक होता है जो पुरुषों को इरेक्शन पाने और इरेक्टाइल डिसफंक्शन ठीक करने में मदद करता है। Viagra सिर्फ डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन पर ही लेना चाहिए।Viagra कुछ लोगों के लिए बहुत फायदेमंद रहा है, साथ ही कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनको Viagra नहीं लेना चाहिए क्योंकि ये उनकी जान को खतरे में डाल सकता है।तो कौन नहीं ले सकता Viagra? ऐसे 5 मेडिकल कंडीशंस जिसमें Viagra नहीं लेना चाहिए:जिनको अभी हाल ही में दिल का दौरा आया हो या जो दिल की बीमारियों से पीड़ित हों, उनको Viagra नहीं लेना चाहिए क्योंकि ये उनका रक्तचाप अचानक से घटा सकता है और दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है।जो लोग Retinitis pigmentosa (एक दुर्लभ आंख की बीमारी) से पीड़ित हैं, उनको Viagra से बचना चाहिए क्योंकि ये उन केमिकल्स के साथ हस्तक्षेप करता है जो रेटिना से दिमाग तक प्रकाश संकेत भेजते हैं, और इससे दृष्टि हानि हो सकती है।जिनको लीवर और किडनी की बीमारियां हैं, उनको Viagra से बचना चाहिए क्योंकि Viagra लीवर में मेटाबोलाइज होता है और किडनीज के माध्यम से समाप्त होता है। अगर ये अंग सही से काम नहीं कर रहे हैं, तो Viagra समाप्त नहीं हो पाता और उसका स्तर बढ़ जाता है, जो इन अंगों को नुकसान पहुंचाता है।जिनको पहले से कम रक्तचाप या हाइपोटेंशन है, उनको Viagra नहीं लेना चाहिए क्योंकि Viagra काम करता है रक्तचाप को कम करके, और ऐसे लोगों का रक्तचाप पहले से ही कम होता है। इससे चक्कर, बेहोशी और कभी-कभी झटका लग सकता है।जो लोग एंटिफंगल्स, एंटीवायरल्स, और एंटीबायोटिक्स जैसी दवाइयां ले रहे हैं, उन्हें Viagra नहीं लेना चाहिए क्योंकि ये दवाइयां Viagra के मेटाबोलिज्म की दर को कम करती हैं। इससे Viagra का रक्त स्तर बढ़ जाता है और साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।ये ज़रूरी है कि आप किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर से सही परामर्श लें ताकि आपको किसी भी गंभीर साइड-इफेक्ट्स से बचाया जा सके।source: https://www.google.com/amp/s/www.healthdirect.gov.au/amp/article/sildenafil-viagra https://www.nhs.uk/medicines/sildenafil-viagra/who-can-and-cannot-take-sildenafil/

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क्या Viagra का असर पहली बार में होता है?

Viagra को erectile dysfunction के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। Viagra आपके blood vessels में जाकर उन्हें relax करता है और blood flow को बढ़ाता है, जिससे आपको erection पाने में मदद मिलती है।लेकिन क्या Viagra का असर पहली बार में होता है?वैसे तो ज्यादातर लोगों में Viagra का असर पहली बार में हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों में ऐसा नहीं होता, और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:आपको Viagra का सही dose prescribe नहीं हुई है। Viagra 25mg, 50mg और 100mg के doses में आती है, और आपको आपकी condition के हिसाब से ही prescribe की जाती है। लेकिन कई बार ऐसा होता है, कि आपको उतने dose से असर नहीं दिखता, तो ऐसे केस में आपको अपने doctor से बात करनी चाहिए ताकि वो आपका dose adjust करे।अगर आपको घबराहट हो रही है आपके sexual performance को लेकर, या फिर आप stressed हैं तो भी आपको erectile dysfunction हो सकता है, जिसके कारण Viagra का असर नहीं दिख सकता।अगर आपको किसी भी किस्म की mental health issues हैं जैसे depression, anxiety, या stress, तो भी आपको Viagra का असर नहीं दिखेगा।और अगर आपका mood नहीं है या फिर आपको अपने partner से कोई attraction नहीं है, तो भी आपको Viagra का असर नहीं दिखेगा, क्योंकि Viagra सिर्फ आपको erection में help करता है, mood changes में नहीं।अगर आपको लगता है कि आप किसी stress में हैं, तो पहले अपने stress को handle कीजिए, normal feel कीजिए और आपको जब लगे कि आप sexual intercourse के लिए ready हैं, तो फिर से Viagra ले लीजिए और देखिए कि इसका असर होता है या नहीं।अगर फिर भी Viagra का असर आप पर नहीं होता, तो अपने doctor से बात कीजिए, वो आपको या तो dose change कर के देंगे या फिर आपको दवाई change कर देंगे।Viagra को लेकर अंदाज़ा मत लगाइए – Ask Medwiki से पाएं clear और expert-verified जवाब, कभी भी।source: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2699643/ https://www.nhs.uk/medicines/sildenafil-viagra/how-and-when-to-take-sildenafil/

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अनवांटेड 72 या आई‑पिल लेने के बाद पीरियड में बदलाव जो आपको जानना चाहिए

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल लेने के बाद पीरियड कब आएगा और शरीर में क्या बदलाव हो सकते हैं, यह कई महिलाओं के लिए भ्रमित करने वाला और तनावपूर्ण अनुभव हो सकता है। खासकर जब सवाल यह हो किआई पिल लेने के बाद पीरियड कब आएगा। इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल नियमित गर्भनिरोधक के रूप में उपयोग के लिए नहीं हैं। लेकिन यदि इन्हें सही समय और तरीके से लिया जाए तो अनप्रोटेक्टेड सेक्स या गर्भनिरोधक फेल होने की स्थिति में गर्भधारण को रोकने में मदद मिलती है। भारत मेंअनवांटेड 72 औरआई पिल टैबलेट बहुत लोकप्रिय हैं और महिलाएं इसके बाद अपने मासिक चक्र के बारे में अक्सर चिंतित रहती हैं।इस विस्तृत ब्लॉग में हम जानेंगे कि इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल लेने के बाद आपका पीरियड कब आएगा, किन हल्के गर्भनिरोधक पिलों के साइड इफेक्ट्स की संभावना होती है, क्या अनवांटेड 72 के भविष्य की गर्भावस्था पर प्रभाव होते हैं, और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल क्या होती हैं?इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल (ईसीपी) गर्भधारण को रोकने का एक सुरक्षित उपाय हैं, जब सेक्स बिना किसी सुरक्षा के हुआ हो या आपकी गर्भनिरोधक विधि फेल हो गई हो। इन पिलों में हार्मोन होते हैं जो अंडोत्सर्जन (ओव्यूलेशन) को रोकते, अंडाणु और शुक्राणु के मिलन को प्रभावित करते, या गर्भाशय की परत में बदलाव करते हैं, ताकि गर्भधारण न हो। भारत में आमतौर पर उपयोग की जाने वाली ब्रांड्स मेंअनवांटेड 72 औरआई पिल टैबलेट शामिल हैं। इन्हें केवल आकस्मिक परिस्थितियों में लेना चाहिए, नियमित गर्भनिरोधक के रूप में नहीं।इमरजेंसी पिल का उद्देश्य सरल है: सही समय पर लेने से गर्भधारण की संभावना काफी कम हो जाती है। इन पिलों का असर हर महिला के शरीर और मासिक चक्र पर अलग‑अलग होता है। यही कारण है कि महिलाओं को यह जानना जरूरी है किआई पिल लेने के बाद उनका पीरियड कब आएगा।इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल लेने के बाद मासिक चक्र में क्या बदलाव आते हैं?सबसे आम सवाल यही है किआई पिल लेने के बाद पीरियड कब आएगा। इसका उत्तर आपके नियमित मासिक चक्र, पिल लेने का समय और शरीर की हार्मोनल प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है।सामान्य समयरेखाअधिकांश महिलाओं में पीरियड अपेक्षित तारीख से लगभग एक सप्ताह पहले या बाद में आता है। इसका मतलब है कि अगर आपकी नियमित पीरियड 28 दिन के चक्र पर आती है और आपनेअनवांटेड 72 / आई पिल चक्र के बीच में ली, तो आपका पीरियड:कुछ दिन पहले आ सकता हैएक सप्ताह या उससे अधिक देर से आ सकता हैसामान्य समय पर आ सकता है लेकिन बहाव हल्का या भारी हो सकता हैअनवांटेड 72 जैसी इमरजेंसी पिल में उच्च मात्रा में लेवोनॉर्गेस्ट्रल हार्मोन होता है, जो अस्थायी रूप से हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करता है और अगले पीरियड की समयसारिणी को बदल सकता है।क्यों पीरियड जल्दी या देर से आता हैआई पिल टैबलेट का मुख्य कार्य ओव्यूलेशन को रोकना है। यदि ओव्यूलेशन पहले ही हो चुका है, तो पिल अंडाणु और शुक्राणु के मिलन पर प्रभाव डाल सकती है। हार्मोनल बदलावों के कारण शरीर को सामान्य चक्र में लौटने में थोड़ा समय लगता है।यह सामान्य हार्मोनल प्रतिक्रिया है और आम तौर पर हानिकारक नहीं होती। कई महिलाओं को यह भी जानना होता है कि आई पिल कितने दिनों तक प्रभावी होती है। आम तौर पर पिल 72 घंटे के भीतर सबसे प्रभावी होती है, लेकिन कुछ ब्रांड्स 120 घंटे तक प्रभाव दिखा सकते हैं। जितनी जल्दी पिल ली जाती है, गर्भधारण रोकने की संभावना उतनी ही अधिक होती है।आम साइड इफेक्ट्स जो महसूस हो सकते हैंअनवांटेड 72 याआई पिल टैबलेट लेने के बाद हल्के और अस्थायी लक्षण महसूस हो सकते हैं। ये अनवांटेड 72 साइड इफेक्ट्स या आई पिल साइड इफेक्ट्स सामान्य रूप से इस प्रकार हैं:मतलीथकानचक्करसिरदर्दस्तनों में दर्दहल्का पेट दर्दपीरियड से पहले या बाद में हल्का ब्लीडिंग या स्पॉटिंगअधिकांश मामलों में ये लक्षण कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं।कब सावधान होना चाहिएगंभीर लक्षण दुर्लभ हैं, लेकिन यदि आपको इनमें से कोई दिखाई दे तो डॉक्टर से परामर्श लें:बेहोशीबहुत भारी रक्तस्रावतेज पेट दर्दगर्भधारण के संकेतलक्षण जो एक सप्ताह से अधिक समय तक बने रहेंये सामान्य गर्भनिरोधक पिलों के साइड इफेक्ट्स नहीं माने जाते और किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं।अनवांटेड 72 के भविष्य की गर्भावस्था पर प्रभाव और दीर्घकालिक फर्टिलिटीकई महिलाओं को डर होता है कि इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव लेने से भविष्य में गर्भधारण प्रभावित हो सकता है।स्वास्थ्य अनुसंधान और चिकित्सा अध्ययनों के अनुसार ईसीपी का भविष्य की गर्भावस्था या फर्टिलिटी पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होता।अनवांटेड 72याआई पिल टैबलेटलेने से बाद में गर्भधारण करने की क्षमता प्रभावित नहीं होती और जन्म दोष जैसी कोई समस्या नहीं होती।यदि पिल लेने के बाद भी गर्भधारण हो जाता है, तो तुरंत प्रेग्नेंसी टेस्ट करें और आवश्यक प्रेनेटल देखभाल शुरू करें। यह दुर्लभ स्थिति है, लेकिन पिल फेल हो सकती है।हार्मोनल प्रभाव और पीरियड में बदलावइमरजेंसी पिल में मौजूदलेवोनॉर्गेस्ट्रल हार्मोन आपके शरीर के प्राकृतिकप्रोजेस्टेरोन जैसा कार्य करता है। उच्च मात्रा में लेने पर यह मासिक चक्र को अस्थायी रूप से बदल सकता है।पीरियड क्यों बदलता हैअगला पीरियड समय से पहले या बाद में आ सकता हैगर्भाशय की परत में बदलाव हो सकते हैंओव्यूलेशन में देरी हो सकती हैमस्तिष्क द्वारा हार्मोनल सिग्नल बदल सकते हैंये सभी प्रभाव अस्थायी होते हैं और हार्मोन सामान्य स्तर पर लौट आते हैं।आई पिल लेने के बाद पीरियड कब आएगाअधिकांश महिलाओं का अगला पीरियड21 से 35 दिन के भीतर आता है। यह कुछ कारकों पर निर्भर करता है:यदि पिल ओव्यूलेशन के आसपास ली गई: थोड़ा देरी हो सकती हैयदि पीरियड जल्द ही होने वाला था: कुछ दिन पहले या बाद में आ सकता हैयदि पिल चक्र के शुरू में ली गई: 3‑4 सप्ताह के अंदर पीरियड सामान्य आएगायदि आपका पीरियड 7 से 10 दिनों से अधिक देर से आता है, तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करना उचित है।इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्शन के बाद चक्र को बेहतर बनाने के उपायपानी खूब पिएं: हाइड्रेशन हार्मोन संतुलन में मदद करता हैसंतुलित आहार लें: विशेषकर लौह युक्त खाद्य पदार्थचक्र ट्रैक करें: नियमित ट्रैकिंग से पता चलता है कि क्या सामान्य हैघबराएं नहीं: हल्की देरी या बदलाव सामान्य हैडॉक्टर से सलाह लें: यदि पीरियड बहुत देर से आए या गर्भधारण का संदेह होसामान्य मिथक और वास्तविकतामिथक 1: ईसीपी से बांझपन होता है → सच नहींमिथक 2: इसे नियमित रूप से लिया जा सकता है → गलतमिथक 3: पीरियड हमेशा समय पर आता है → हार्मोन हर महिला में अलग काम करता हैनिष्कर्षआई पिल लेने के बाद पीरियड कब आएगा जानना आपकी चिंता कम कर सकता है।अनवांटेड 72और आई पिलसही तरीके से उपयोग किए जाने पर सुरक्षित हैं। अधिकांश महिलाओं में पीरियड अपेक्षित तारीख से कुछ दिन पहले या बाद में आता है। हल्का बदलाव सामान्य है और आई पिल साइड इफेक्ट्स आमतौर पर अस्थायी होते हैं। गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। विस्तृत जानकारी के लिएMedWiki देखें |अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न1. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्शन आपके पीरियड पर क्या असर डालती है?यह आपके अगले पीरियड के समय को थोड़ा देर या जल्दी कर सकती है।2. पिल लेने के कितने दिन बाद पीरियड आएगा?ज्यादातर महिलाओं में 3 से 4 सप्ताह के अंदर पीरियड आता है।3. क्या Unwanted 72 लेने के बाद पहले पीरियड आना सामान्य है?हाँ, हार्मोनल बदलाव के कारण पीरियड जल्दी भी आ सकता है।4. क्या इमरजेंसी पिल भविष्य में गर्भधारण क्षमता को प्रभावित करती है?नहीं, इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होता।5. I pill लेने के बाद आम साइड इफेक्ट्स क्या हैं?मतली, सिरदर्द, स्तनों में दर्द, स्पॉटिंग और चक्र में अस्थायी बदलाव।6. क्या इमरजेंसी पिल विफल हो सकती है?हाँ, कोई भी तरीका 100 प्रतिशत प्रभावी नहीं होता। पीरियड एक सप्ताह से अधिक देर से आए तो टेस्ट करें।7. क्या इसे नियमित गर्भनिरोधक के रूप में उपयोग करना चाहिए?नहीं, केवल आकस्मिक उपयोग के लिए है। नियमित विकल्प के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

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एचपीवी क्या है? यह कैंसर का कारण कैसे बनता है

HPV ek type ka virus group hai jo 200 se zyada related viruses se bana hai. Ye virus sex ke zariye, chahe wo vaginal, anal, ya oral ho, phail sakta hai. Jyadatar jo log sexually active hain, unme se har koi, chahe unka gender kuch bhi ho, sex shuru karne ke kuch saal baad HPV se infect ho sakta hai. Inme se kareeb aadhe infections high-risk HPV types ke hote hain. Zyadatar infections apne aap 1-2 saal mein theek ho jate hain kyunki immune system control kar leta hai.Agar immune system continuous high-risk HPV infections ko clear nahi karta, to ye long-term cell changes cause kar sakta hai. Ye cells jo body ke internal parts ko cover karte hain unko infect kar sakta hai, aur agar treat nahi kiya jaye to cancer tak badh sakta hai.Source:-HPV and Cancer - NCI. (n.d.). HPV and Cancer - NCI. Retrieved February 1, 2024, from https://www.cancer.gov/about-cancer/causes-prevention/risk/infectious-agents/hpv-and-cancerDisclaimer:-This information is not a substitute for medical advice. Consult your healthcare provider before making any changes to your treatment.Do not ignore or delay professional medical advice based on anything you have seen or read on Medwiki.Find us at:https://www.instagram.com/medwiki_/?h...https://twitter.com/medwiki_inchttps://www.facebook.com/medwiki.co.in/

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सेक्स के बाद रक्तस्राव का क्या कारण है?

"ऐसे कई कारक हैं जो पोस्टकोटल रक्तस्राव का कारण बन सकते हैं, जो तब होता है जब एक महिला को सेक्स के बाद रक्तस्राव का अनुभव होता है। इन कारणों में शामिल हैं: - पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) या क्लैमाइडिया जैसे यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) जैसे संक्रमण। - योनि का सूखापन, जिसे एट्रोफिक योनिशोथ भी कहा जाता है, रजोनिवृत्ति के बाद योनि स्राव में कमी के कारण होता है। - योनि को नुकसान, जैसे प्रसव के दौरान आंसू आना या सेक्स के दौरान सूखापन और घर्षण। - सौम्य वृद्धि जिसे ग्रीवा या एंडोमेट्रियल पॉलीप्स कहा जाता है, जो गर्भाशय या गर्भाशय ग्रीवा की परत में हो सकती है। - सर्वाइकल एक्ट्रोपियन, जिसे सर्वाइकल इरोशन भी कहा जाता है, जो गर्भाशय ग्रीवा की सतह पर सूजन वाले क्षेत्र को संदर्भित करता है। दुर्लभ मामलों में, सहवास के बाद रक्तस्राव गर्भाशय ग्रीवा या योनि कैंसर का लक्षण हो सकता है। यदि आपको सेक्स के बाद रक्तस्राव का अनुभव होता है तो स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।" Source:-https://www.nhs.uk/common-health-questions/sexual-health/what-causes-a-woman-to-bleed-after-sex/ Disclaimer:-This information is not a substitute for medical advice. Consult your healthcare provider before making any changes to your treatment.Do not ignore or delay professional medical advice based on anything you have seen or read on Medwiki. Find us at: https://www.instagram.com/medwiki_/?h... https://medwiki.co.in/ https://twitter.com/medwiki_inc https://www.facebook.com/medwiki.co.in/

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यौवन के दौरान लड़कियाँ कितनी बढ़ती हैं?

क्या आप जानते हैं कि लड़कियां लड़कों की तुलना में अपनी वयस्क लंबाई तक पहुंच जाती हैं, आमतौर पर 15 साल की उम्र में? शैशवावस्था और बचपन के दौरान विकास में तेजी से घबराहट, भूख और खराब नींद हो सकती है। जैसे-जैसे बच्चों की उम्र बढ़ती है, विकास में तेजी धीरे-धीरे होती है, लेकिन यौवन के दौरान तेजी से परिवर्तन होते हैं और लड़कियाँ एक वर्ष में चार इंच तक बढ़ सकती हैं! युवावस्था के दौरान लड़कियों में आमतौर पर विकास की गति कब बढ़ती है? यह आम तौर पर 11 साल की उम्र के आसपास होता है, लेकिन 8 साल की उम्र से पहले यौवन आना या 15 या 16 साल की उम्र तक किसी भी बदलाव का अनुभव न होना असामान्य है। विकास की पहली गति के दौरान, लड़कियों को आमतौर पर मासिक धर्म तक प्रति वर्ष 2-3 इंच की तेजी से वृद्धि का अनुभव होता है। उन्हें स्तन विकास, जघन और बगल में बालों का विकास, प्रजनन अंग का विकास, हार्मोनल परिवर्तन, मूड में बदलाव और पैर के आकार में बदलाव का भी अनुभव हो सकता है। इस विकास वृद्धि के बाद, लड़कियों में मासिक धर्म शुरू होने के बाद दूसरी छोटी वृद्धि हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप एक से तीन इंच की वृद्धि हो सकती है। सोच रहे हैं कि कैसे बताएं कि कब आपके बच्चे का विकास रुक गया है? पिछले एक से दो वर्षों में धीमी वृद्धि, पिछले एक से दो वर्षों के भीतर मासिक धर्म, पूरी तरह से विकसित जघन और बगल के बाल, और विकसित जननांगों के साथ अधिक वयस्क जैसी उपस्थिति, पूर्ण स्तन और कूल्हे, और कम ""बच्चों की तरह"" की विशेषताएँ हों।""। यदि आपकी बेटी में 15 साल की उम्र तक हार्मोनल विकास के लक्षण नहीं दिखे हैं, तो चिकित्सीय स्थितियों, हार्मोन असंतुलन या कुपोषण का पता लगाने के लिए डॉक्टर से मिलें। लेकिन अगर वह 15 वर्ष से छोटी है, तो धैर्य रखें क्योंकि यौवन व्यापक रूप से भिन्न होता है।""" Source:-https://www.verywellfamily.com/when-do-girls-stop-growing-5101184 Disclaimer:-This information is not a substitute for medical advice. Consult your healthcare provider before making any changes to your treatment.Do not ignore or delay professional medical advice based on anything you have seen or read on Medwiki. Find us at: https://www.instagram.com/medwiki_/?h... https://medwiki.co.in/ https://twitter.com/medwiki_inc https://www.facebook.com/medwiki.co.in/

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मिस्ड मिसकैरेज क्या है?

किसी भी गर्भवती माँ के लिए बच्चे को खोना एक दिल दहला देने वाला अनुभव होता है। मिस्ड गर्भपात, जिसे मूक गर्भपात या मूक गर्भपात के रूप में भी जाना जाता है, गर्भावस्था के नुकसान का एक प्रकार है जो बिना किसी स्पष्ट संकेत के हो सकता है। यह आम तौर पर पहली तिमाही के दौरान होता है और अक्सर नियमित प्रसव पूर्व अल्ट्रासाउंड के दौरान इसका पता चलता है जब भ्रूण की कोई हृदय संबंधी गतिविधि का पता नहीं चलता है। दुर्भाग्यवश, मिस्ड गर्भपात में रक्तस्राव और ऐंठन जैसे स्पष्ट लक्षण नहीं होते हैं, जिससे किसी भी संभावित समस्या की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। जबकि हल्की ऐंठन और योनि स्राव गर्भावस्था के नुकसान का संकेत हो सकता है, वे सामान्य गर्भावस्था के दौरान भी हो सकते हैं, जिससे दोनों के बीच अंतर करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके अतिरिक्त, भ्रूण की हलचल एक विश्वसनीय संकेतक नहीं है क्योंकि गर्भावस्था का अधिकांश नुकसान हलचल महसूस होने से पहले ही हो जाता है। मिसकैरेज का अनुभव करने के बाद, गर्भावस्था के हार्मोन का अभी भी उच्च होना आम बात है, जिससे स्तन कोमलता, मतली और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं, लेकिन कुछ हद तक। गर्भावस्था परीक्षण अभी भी सकारात्मक परिणाम दिखा सकता है। यदि आपको मिसकैरेज का अनुभव हुआ है, तो जान लें कि आप अकेली नहीं हैं। मिस्ड गर्भपात के लिए उपलब्ध उपचार विकल्पों के बारे में जानने के लिए हमारा अगला वीडियो देखें। Source:- https://www.verywellhealth.com/missed-miscarriage-symptoms-treatment-and-coping-5189858 Disclaimer:-This information is not a substitute for medical advice. Consult your healthcare provider before making any changes to your treatment.Do not ignore or delay professional medical advice based on anything you have seen or read on Medwiki. Find us at: https://www.instagram.com/medwiki_/?h... https://medwiki.co.in/ https://twitter.com/medwiki_inc https://www.facebook.com/medwiki.co.in/

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क्या आपका वाटर ब्रेक हो रहा है?

बच्चे के जन्म के दौरान एमनियोटिक थैली का टूटना आम बात है, जिसे वॉटर ब्रेकिंग भी कहा जाता है। हालाँकि, यह प्रसव पीड़ा शुरू होने से पहले भी हो सकता है। एमनियोटिक थैली एक तरल पदार्थ से भरी थैली होती है जिसमें बच्चा विकसित होता है और बढ़ता है। जब बच्चे के जन्म का समय होता है, तो थैली आमतौर पर फट जाती है, और एमनियोटिक द्रव योनि के माध्यम से बाहर निकल जाएगा। कुछ मामलों में, दाई या डॉक्टर प्रसव के दौरान पानी बंद कर सकते हैं। यदि पानी प्राकृतिक रूप से टूटता है, तो ऐसा महसूस हो सकता है कि पानी धीमी गति से बह रहा है या अचानक बह रहा है, जिसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते। तैयारी के लिए, पास में एक सैनिटरी तौलिया और सुरक्षात्मक चादर रखें। एमनियोटिक द्रव आमतौर पर साफ होता है, लेकिन इसे मूत्र के साथ भ्रमित किया जा सकता है। शुरुआत में, यह थोड़ा खूनी हो सकता है। यदि इसमें कोई गंध, रंग है, या आपको खून बह रहा है, तो तुरंत अपनी दाई को बताएं। इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है।