हो सकता है कि आपका वजन पहले से ही ज्यादा ना हो फिर भी आप मोटापे को लेकर बेहद परेशान हैं और आपने अपना खाना पीना भी काफी सीमित कर लिया है। आपको क्या लगता है, यह क्या हो सकता है?हो सकता है यह सिर्फ आपके जीवन शैली का एक बदलाव न हो बल्कि यह Anorexia Nervosa का एक गंभीर लक्षण हो। लगभग 1% युवा महिलाएं इस गंभीर समस्या से परेशान हैं।किसको इसका सबसे ज्यादा खतरा है?इससे संबंधित 80-90% मामले युवा लड़कियों (लगभग 15 वर्ष की आयु) में पाए जाते हैं। इस स्थिति के कारण काफी हद तक उनका वजन कम हो जाता है और उन्हें जल्द ही अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आ जाती है। दुख की बात तो यह है कि Anorexia Nervosa में किसी भी और psychiatric disorder के मुताबिक सबसे ज्यादा मृत्यु दर (death rate) है।युवाओं में क्या परिवर्तन देखने को मिलता है?युवा लड़कियां अक्सर कुछ खाने पीने की चीजों को या तो खाना कम कर देती हैं और या फिर छोड़ देती हैं जो वह आमतौर पर खाती रही हैं। वे स्कूल का टिफिन, घर में रात का खाना छोड़ देती हैं या फिर मिठाई और स्नेक्स जैसी चीजों से इनकार करने लगती हैं। वह चीनी और वसा को अपने आहार से निकाल देती हैं और बहुत अधिक शारीरिक गतिविधियां करने लगती हैं।Anorexia Nervosa के 6 गंभीर लक्षण:पीरियड्स न आनाडिप्रेशनक्रोध का दौरा पड़नाकंसंट्रेशन में कमीनींद ना आने की समस्याअसामाजिक हो जानाAnorexia Nervosa से क्या हो सकता है?यह बीमारी अक्सर कुछ और गंभीर बीमारियों को अपने साथ लेकर आती है जैसे कि obsessive compulsive disorder (OCD), substance use disorder और Anxiety disorders.Anorexia Nervosa को पकड़ में आने से ठीक होने तक आमतौर पर 5 6 साल लग सकते हैं।source: https://www.diva-portal.org/smash/get/diva2:559498/FULLTEXT02.pdf https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1857759/
अगर आप पूरा दिन सिर्फ खाने और खाने के बारे में ही सोचते हैं, तो हो सकता है कि आप Bullimia Nervosa के शिकार बन चुके हैं।Bullimia Nervosa जिसे Bullimia भी कहा जाता है, यह एक गंभीर eating disorder है। इसमें व्यक्ति पहले अत्यधिक मात्रा में खाता है और फिर सब कुछ उल्टी करके बाहर निकाल देता है।Bullimia Nervosa ज्यादातर किन में पाया जाता है?ज्यादातर यह Adolescent girls (किशोरियों) में देखा गया है।Bullimia Nervosa में क्या होता है?इसमें अक्सर 3 स्तर देखे गए हैं:स्तर 1: जब व्यक्ति अपने खाने की मात्रा पर नियंत्रण खो देता है और सामान्य से बहुत अधिक खाने लगता है।स्तर 2: जब व्यक्ति वजन बढ़ाने के डर से सब कुछ खाया हुआ उल्टी कर देता है।स्तर 3: जब व्यक्ति बहुत अधिक मात्रा में शारीरिक गतिविधि, उल्टियां या उपवास करने लगता है ताकि उसका वजन न बढ़ जाए।Bullimia Nervosa से क्या होता है?Bullimia Nervosa एक मानसिक problem है जो काफी परेशानियों का कारण बन सकता है, जैसे किSalivary glands और गालों में सूजनGERD: गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोगBarrett Esophagus, जिससे एसोफैगस कैंसर भी हो सकता हैखांसी, (hoarse) कर्कश आवाज और गले में खराशIrritable Bowel Syndromeकब्जदांतों की समस्याDiabetes (मधुमेह)अक्सर देखा जाता है कि Bullimia Nervosa से पीड़ित लोग ठीक हो जाते हैं। हमारा पहला और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है: बहुत अधिक खाने और उल्टी कर देने के इस चक्र को रोकना।source: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK562178/
आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में कुल बीमारियों का लगभग 56.4% हिस्सा अस्वास्थ्यकर आहार की वजह से है। वैसे तो हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ आहार और शारीरिक गतिविधि ऐसी दो चीज हैं जो दिल की बीमारी और ब्लड प्रेशर के जोखिम को कम करता है साथ ही diabetes को लगभग 80% तक रोकने में मदद करता है।इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के "My Plate" से हमें इसका उत्तर मिल गया है कि हमें पूरे दिन में क्या-क्या और कितना खाना चाहिए।चलिए एक बार पीछे मुड़कर देखते हैं और सोचते हैं कि हम हर रोज क्या कहते हैं। क्या कोई एक ऐसा food group है जो हमारे रोज के खाने में सबसे ज्यादा मात्रा में उपलब्ध होता है?जी हां, researches से भी यह साबित हो चुका है कि भारतीय आहार पूरी तरह से सिर्फ “Refined Cereals” पर आधारित है। जबकि हमारे आहार में सभी micronutrients से भरपूर चीजों पर भी हमें ध्यान देना चाहिए जैसे की साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स, सब्जियां और फल आदि।मुझे लगता है कि एक सवाल अभी भी हमारे मन में आ रहा है - हमें कितना खाना चाहिए?आइए इसे आईसीएमआर की My Plate से समझते हैं: हमारे रोज के आहार में, क्या कितना होना चाहिए:सब्जियाँ, फल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, जड़ें और कंद: एक दिन में 500 ग्राम (आपके दैनिक आहार का 50% हिस्सा)1. दालें, अंडे और मांसयुक्त खाद्य पदार्थ: एक दिन में 85 ग्राम2.मेवे और बीज: प्रति दिन 35 ग्राम3.वसा और तेल: प्रति दिन 27 ग्राम4.अनाज और पोषक अनाज: प्रति दिन 250 ग्रामदूध: प्रतिदिन 300 मि.लीयाद रखें, यह केवल एक बार के भोजन के बारे में नहीं है, बल्कि आपको एक दिन में क्या खाना चाहिए इसके बारे में है।इसलिए, हमारे खान-पान की आदतों में वास्तविक बदलाव की जरूरत है। पहले कदम के रूप में आइए हम फलों और सब्जियों पर अधिक ध्यान दें और अनाज में कटौती करें।किन चीजों से बचें:1. अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड2. उच्च वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थकिन चीजों को कम से कम ले:1.चीनी2. खाना पकाने के लिए तेल3. बीच-बीच की स्नैकिंग4. पूरा जीवन स्वस्थ रहने के लिए इस स्वस्थ आहार का पालन करें।source:https://main.icmr.nic.in/sites/default/files/upload_documents/DGI_07th_May_2024_fin.pdf
मनु भाकर 2024 के ओलंपिक्स में 2 पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल खेल में अपना पहला कांस्य पदक जीता, जबकि 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्सड टीम खेल में अपना दूसरा कांस्य पदक जीता।मनु भाकर के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी के लिए सुबह का नाश्ता छोड़ना एक सही विकल्प नहीं है। वह नाश्ते को वह फ्यूल (fuel) मानती हैं जो physically active रहने के लिए आवश्यक energy देता है।क्या सुबह का नाश्ता इन एथलीट्स का फिटनेस मंत्र है?केवल मनु भाकर ही नहीं, पीवी सिंधु, मीराबाई चानू और साइना नेहवाल* जैसे एथलीट्स भी स्वस्थ नाश्ते को विशेष महत्व देते हैं।उन्हीं की तरह, लगभग 50% प्रतिभागी खेल में महिलाएं हैं और वह सभी अपनी फिटनेस को बनाए रखने के लिए एक सख्त दिनचर्या का पालन करती हैं। आईए जानते हैं कि वह सुबह के नाश्ते में क्या खाना पसंद करती हैं और क्या नहींवह अक्सर क्या खाना पसंद करती हैं?हमारे एथलीट्स फल, फलों का रस, उबली हुई सब्जियां, सभी उबली हुई सब्जियों का सूप, सूखे मेवे और दूध जैसी चीजें सुबह के नाश्ते में पसंद करते हैं। अगर मांसाहारी हैं तो वे नाश्ते में उबले अंडे या मांस भी पसंद करते हैं।वे जानते हैं कि सिर्फ फिटनेस ही नहीं बल्कि उन्हें complete health (समग्र स्वास्थ्य) के बारे में ध्यान देने की जरूरत है। वे antioxidants और anti inflammatory लाभों के लिए अपने आहार में कुछ खाद्य पदार्थ जैसे फलों का सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि भी शामिल करते हैं।क्या आप जानते हैं कि mild dehydration भी खेल को 30% तक ख़राब कर सकता है? इसीलिए hydrated रहना सबसे जरूरी है।एथलीट्स hydration पर विशेष ध्यान देते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि व्यायाम के दौरान body से निकले हुए fluids को पूरा करने के लिए नियमित अंतराल के बाद ढेर सारा पानी, फलों का रस, नारियल पानी और energy drinks का सेवन करते रहे।अपनी आत्मकथा, "Playing to Win” में साइना नेहवाल ने बताया है कि कैसे उनके कोच ने उन्हें अपना खेल अच्छा रखने के लिए hydration का महत्व समझाया है।मनु भाकर का कहना है कि "Recovery मेरी फिटनेस का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, इसलिए मैं नींद और आहार दोनों को को बहुत महत्व देती हूं।"3 चीजें जो वे अपने आहार में खाने से परहेज करते हैं?मसालेदार भोजनतला हुआ और जंक फूडअधिक मात्रा में चीनी और घीहमारे एथलीट्स का कहना है कि हर रोज व्यायाम के साथ स्वस्थ आहार का पालन करने से उनकी एथलेटिक क्षमता अच्छी रहती है।खुद को फिट रखने के लिए इसी फिटनेस मंत्र का पालन करें। याद रखें कि आज से अपना सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें।Source:-1.https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3805623/2. https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S27682765240050423. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC8336541/
बारिश का मौसम काफी लोगों का पसंदीदा मौसम होता है। इस मौसम में लोग चाय के साथ गरमा गरम पकोड़े या समोसे का मज़ा लेते हैं, और मोमेंट्स क्रिएट करते हैं।पर क्या आपने कभी सोचा है कि ये साफ और साधारण दिखने वाला बारिश का पानी आपके या आपके बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है?बारिश देखते ही उसमें खेलना, स्विम करना या भीगने का मन करता है। और यही सुकून देने वाला बारिश का पानी जब इकट्ठा होने लगता है तो वॉटर लॉगिंग जैसी प्रॉब्लम्स होती हैं, जो कई सारे जानलेवा वायरस, बैक्टीरिया और परजीवी का घर बन जाती हैं।केरल में, 21 मई को 5 साल की बच्ची, और 25 जून को 13 साल की बच्ची के बाद, पिछले हफ्ते ही एक 14 साल के बच्चे की मौत हुई है। और इन सब का कारण है, एक बहुत ही रेयर ब्रेन इंफेक्शन “एमोएबिक मेनिनगोएन्सेफलाइटिस” जो Naegleria fowleri नाम के अमीबा से होता है। इसे “ब्रेन ईटिंग अमीबा” के नाम से भी जाना जाता है।Naegleria fowleri वॉर्म वॉटर रिसोर्सेस जैसे, तालाब, नदी, हॉटस्प्रिंग्स या स्विमिंग पूल्स में ग्रो करता है।मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये इंफेक्शन तब होता है, जब किसी भी इन्फेक्टेड वॉटर रिसोर्सेस के थ्रू Naegleria fowleri आपकी बॉडी में आपकी नाक के द्वारा एंटर करती है, और फिर आपकी नाक में रहे ओलफैक्टरी नर्व्स के थ्रू ब्रेन तक पहुँच जाता है और ब्रेन टिशूज को डेस्ट्रॉय कर देता है।लेकिन ये कंटैमिनेटेड पानी पीने से ये इंफेक्शन नहीं होता है और ना ही एक इंसान से दूसरे में फैलता है।और इस ब्रेन इंफेक्शन के मुख्य सिम्पटम्स हैं: बुखार, सिर दर्द, उल्टी आना, दौरे पड़ना, गर्दन का अकड़ना, और हेल्युसिनेशन्स हैं।अब सवाल आता है कि इस खतरनाक बीमारी से कैसे बच सकते हैं?इस इंफेक्शन का हाल में कोई इलाज नहीं है। डॉक्टर कुछ मेडिसिन्स जैसे एम्फोटेरिसिन बी, एज़िथ्रोमाइसिन, फ्लुकोनाज़ोल, रिफ़ाम्पिन, मिल्टेफोसिन, और डेक्सामेथासोन को मिक्स करके इस रेयर इंफेक्शन को मैनेज करते हैं।केरल के चीफ मिनिस्टर पिनाराई विजयन ने इस मामले के लिए एक मीटिंग भी की और सेंटर्स फॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के ये गाइडलाइन्स फॉलो करने को एडवाइस किया है।1. गर्मी के दिनों में नदी, तालाब या किसी भी स्विमिंग पूल में ना जाएं, क्योंकि ये अमीबा गर्म पानी में ग्रो करता है।2. जब भी आप पानी के अंदर जाएं तो अपनी नाक हाथ से बंद कर लें या फिर नोज़ क्लिप का इस्तेमाल करें।3. जब भी आप स्विम कर रहे हैं तो अपना सिर पानी के ऊपर रखने की कोशिश करें।4. पानी के नीचे रहे सिडिमेंट्स को डिस्टर्ब ना करें, क्योंकि ये अमीबा ज्यादातर पॉन्ड्स, लेक्स या रिवर्स के सिडिमेंट्स में पाए जाते हैं।5. और अगर आपको साइनसाइटिस है तो, पानी को 1 मिनट तक गर्म करें और उसे ठंडा होने दें, उसके बाद अपने साइनस को रिंस करें।Source:-1.https://www.mdpi.com/1660-4601/20/4/30212. https://www.cdc.gov/naegleria/about/index.html3. https://www.cdc.gov/naegleria/causes/index.html
मानसून की पहली बारिश ने हमें गर्मी से काफी राहत दी है और किसानों के लिए तो यह एक वरदान है। लेकिन, इस भारी बारिश ने दिल्ली, अयोध्या, और गुरुग्राम जैसे क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या खड़ी कर दी है। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक छत गिरने से तो हादसा भी हो गया।जल-जमाव से होने वाले स्वास्थ्य समस्याओं पर बात करें तो, सबसे पहले, ये क्षेत्र डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, और कॉलेरा जैसी बीमारियों के लिए एकदम उपयुक्त वातावरण बनाते हैं।अगर यह पानी आपकी आंखों से संपर्क करता है, तो conjunctivitis और keratitis जैसे आंखों के infection हो सकते हैं।आपकी स्किन अगर इस पानी से टच होती है, तो bacteria और fungi आपकी स्किन पर transfer हो सकते हैं, जिससे eczema या dermatitis जैसे fungal infections हो सकते हैं।इसके अलावा, यह पानी gastrointestinal infections का कारण बन सकता है क्योंकि यह बैक्टीरिया, वायरस, और parasites के लिए एक सूटेबल environment बनाता है। और जब आप यह contaminated पानी पीते हैं, तो विभिन्न stomach infections हो सकते हैं।और अंत में, जल-जमाव के bacteria, virus या parasites के spores जब हवा के साथ मिक्स होकर आपके airways में पहुंचते हैं, तो ये airways में irritation पैदा कर सकते हैं और asthma या allergic rhinitis जैसी respiratory problems का कारण बन सकते हैं।इसलिए, इन health risks से बचने के लिए proper drainage और sanitation बहुत ज़रूरी है।Source:-1. Rahman, S., & Rahman, S. H. (2011). Indigenous coping capacities due to water-logging, drinking water scarcity and sanitation at Kopotaksho basin, Bangladesh. Bangladesh Journal of Environmental Research, 9(1), 7-16.https://www.researchgate.net/publication/2357022542. https://www.cdc.gov/healthywater/emergency/extreme-weather/floods-standingwater.html
मतली आना और उल्टी होना कुछ ही मिनटों में शरीर की सारी ऊर्जा खत्म कर सकता है। चाहे यह फूड पॉइजनिंग, पेट का संक्रमण, एसिडिटी, प्रेगनेंसी,माइग्रेन, मोशन सिकनेस या फिर तनाव की वजह से हो, उल्टी होना काफी असहज और परेशान करने वाला अनुभव होता है। अधिकतर हल्के मामलों में शरीर पेट में मौजूद किसी भी परेशानी पैदा करने वाले तत्व को बाहर निकालने के लिए ऐसा करता है। तुरंत दवाइयों की ओर भागने के बजाय, बहुत से लोग सुरक्षित और समय से आजमाए गएउल्टी के घरेलू उपाय अपनाना पसंद करते हैं, जो शरीर को धीरे और प्राकृतिक तरीके से सहारा देते हैं।यह विस्तृत गाइड आपको सात प्रभावी घरेलू उपायों के बारे में बताएगा, जिन्हें आप घर पर आजमा सकते हैं, ये कैसे काम करते हैं, कब इस्तेमाल करने चाहिए और जल्दी ठीक होने के लिए जरूरी टिप्स भी शामिल हैं। ये उपाय सरल, किफायती और पीढ़ियों से भारतीय घरों में भरोसे के साथ इस्तेमाल किए जाते रहे हैं।उल्टी क्यों होती है और घरेलू उपाय कब मदद करते हैंउल्टी का नियंत्रण दिमाग और पाचन तंत्र दोनों मिलकर करते हैं। इसके कारण हो सकते हैं:• पेट का फ्लू• शरीर में पानी की कमी• फूड इंफेक्शन• भावनात्मक तनाव• मोशन सिकनेस• अपच या गैस• तेज गंध या स्वाद• गर्भावस्था में मतलीहल्के से मध्यम मामलों में, जहां तेज दर्द, बुखार या खून न हो,उल्टी के घरेलू उपाय पेट को शांत कर सकते हैं, मतली कम करते हैं और बार बार उल्टी होने से रोकते हैं। ये उपाय पाचन तंत्र को आराम देते हैं, पेट के एसिड को संतुलित करते हैं और शरीर को हाइड्रेट रखते हैं।अदरक एक शक्तिशाली प्राकृतिक एंटी नॉजिया उपायअदरक मतली और उल्टी के लिए सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपायों में से एक है। इसमें मौजूद तत्व पेट को जल्दी खाली करने में मदद करते हैं और आंतों की जलन को कम करते हैं।अदरक कैसे मदद करता है• पाचन सुधारता है• गैस बनने से रोकता है• पेट की ऐंठन कम करता है• दिमाग तक जाने वाले मतली के संकेतों को नियंत्रित करता हैअदरक का उपयोग कैसे करें• हर्बल चाय में अदरक डालें• गुनगुना अदरक पानी धीरे धीरे पिएं• सहन हो तो कच्चा अदरक चबाएं• ताजा अदरक कद्दूकस कर पानी में दस मिनट उबालेंयह उपाय मोशन सिकनेस, गर्भावस्था की मतली और अपच में बहुत अच्छा काम करता है। सभीउल्टी के घरेलू उपायों में अदरक सबसे तेजी से असर दिखाने वाला माना जाता है।पेट को शांत करने के लिए नींबू और शहदनींबू में मौजूद प्राकृतिक एसिड मतली को संतुलित करता है और लार बनने में मदद करता है। शहद पेट की अंदरूनी परत को आराम देता है और तुरंत ऊर्जा देता है।यह संयोजन क्यों असरदार है• शरीर को हाइड्रेट रखता है• पेट के एसिड को संतुलित करता है• उल्टी की भावना को नियंत्रित करता है• उल्टी के बाद आने वाला खराब स्वाद कम करता हैनींबू और शहद का उपयोग कैसे करें• गुनगुने पानी में मिलाएं• हर पंद्रह मिनट में धीरे धीरे पिएं• एक चम्मच शहद में ताजा नींबू रस मिलाएंयह फूड पॉइजनिंग या एसिडिटी से जुड़ी उल्टी के लिए सबसे भरोसेमंदउल्टी के घरेलू उपायों में से एक है।हल्की हाइड्रेशन और पेट को राहत देने के लिए चावल का पानीचावल का पानी अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन जब पेट ठोस भोजन सहन नहीं कर पाता, तब यह बेहद प्रभावी होता है। यह पेट की परत पर एक सुरक्षा परत बनाता है और जलन को कम करता है।चावल के पानी के फायदे• पचाने में आसान• हल्की ऊर्जा देता है• डिहाइड्रेशन से बचाता है• सूजे हुए पेट को शांत करता हैचावल का पानी कैसे बनाएं• पानी छान लें• हल्का गुनगुना होने दें• थोड़ी थोड़ी मात्रा में पिएं• सादे सफेद चावल ज्यादा पानी में उबालेंयह उपाय बच्चों, बुजुर्गों और उल्टी के बाद कमजोरी महसूस करने वालों के लिए बहुत उपयोगी है। यह सुरक्षितउल्टी के घरेलू उपायों का अच्छा उदाहरण है।मतली और गैस के लिए लौंगलौंग में मौजूद प्राकृतिक तेल पाचन तंत्र को शांत करते हैं और गैस या संक्रमण से होने वाली मतली को कम करते हैं।लौंग कैसे मदद करती है• पेट की गैस कम करती है• मुंह की बदबू दूर करती है• हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ती है• पेट की परेशानी कम करती हैलौंग का उपयोग कैसे करें• एक लौंग धीरे धीरे चूसें• गुनगुने पानी में लौंग पाउडर मिलाएं• दो लौंग पानी में उबालकर चाय की तरह पिएंयह उपाय गैस, फूड इंफेक्शन या मुंह के खराब स्वाद से जुड़ी उल्टी में ज्यादा असरदार होता है।तुरंत ठंडक के लिए पुदीने के पत्तेपुदीनापाचन तंत्र पर ठंडा और शांत प्रभाव डालता है। यह पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और उल्टी की इच्छा को कम करता है।पुदीने के फायदे• मतली को शांत करता है• सांस को ताजा बनाता है• पाचन सुधारता है• पेट की ऐंठन कम करता हैपुदीने का उपयोग कैसे करें• धीरे धीरे पिएं• थोड़ा शहद मिलाएं• ताजे पत्तों से पुदीना चाय बनाएं• पत्तों को पीसकर रस निकालेंपुदीना आधारितउल्टी के घरेलू उपाय गर्मी, एसिडिटी और तनाव से होने वाली मतली में खास तौर पर फायदेमंद होते हैं।पाचन सुधारने के लिए जीरा पानीजीरा पाचन को बेहतर बनाता है और पेट की जलन को कम करता है। यह उपाय भारतीय घरों में बहुत आम है और ज्यादा खाने या मसालेदार भोजन के बाद खास असर दिखाता है।जीरा क्यों असरदार है• गैस कम करता है• मतली को नियंत्रित करता है• पेट की परत को शांत करता है• पाचन एंजाइम्स को बेहतर करता हैजीरा पानी कैसे बनाएं• धीरे धीरे पिएं• छानकर हल्का ठंडा होने दें• एक चम्मच जीरा पानी में उबालेंजीरा पानी हल्का होता है और पाचन से जुड़ी परेशानी में रोजाना भी लिया जा सकता है। यह अपच से जुड़ेउल्टी के घरेलू उपायों में बेहद भरोसेमंद है।हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन के लिए नारियल पानीउल्टी से शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। नारियल पानी पेट को बिना नुकसान पहुंचाए इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बहाल करता है।नारियल पानी के फायदे• पचाने में आसान• पेट को ठंडक देता है• डिहाइड्रेशन से बचाता है• जरूरी मिनरल्स की पूर्ति करता हैसेवन कैसे करें• बार बार थोड़ी थोड़ी मात्रा में पिएं• ठंडा नारियल पानी न लेंयह उपाय बार बार उल्टी होने, गर्मी या पेट के संक्रमण के बाद बहुत फायदेमंद होता है।घरेलू उपाय अपनाते समय जरूरी बातें• शरीर को पूरा आराम दें• तला भुना और मसालेदार खाना न खाएं• उल्टी बंद होने तक ठोस भोजन न लें• बड़े घूंट की बजाय छोटे घूंट लें• आसपास का माहौल शांत और साफ रखें• उल्टी के तुरंत बाद सीधा न लेटेंउल्टी के घरेलू उपाय तब सबसे अच्छा काम करते हैं, जब उन्हें आराम और सही हाइड्रेशन के साथ अपनाया जाए।कब डॉक्टर को दिखाना चाहिएघरेलू उपाय हल्के मामलों के लिए होते हैं। डॉक्टर से संपर्क करें यदि• तेज बुखार हो• उल्टी में खून आए• डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखें• पेट में तेज दर्द हो• चौबीस घंटे से ज्यादा उल्टी हो• शिशु या गर्भवती महिला को बार बार उल्टी होनिष्कर्षउल्टी होना परेशान करने वाला हो सकता है, लेकिन कई मामलों में इसके लिए तेज दवाइयों की जरूरत नहीं होती। सरल और प्राकृतिक उपाय पेट को शांत कर सकते हैं और शरीर को प्राकृतिक रूप से ठीक होने में मदद करते हैं। ऊपर बताए गएउल्टी के घरेलू उपाय पाचन को आराम देने, पानी की कमी रोकने और संतुलन बहाल करने पर केंद्रित हैं।अपने शरीर की सुनकर और इन उपायों को समझदारी से अपनाकर, आप अक्सर घर पर ही उल्टी को सुरक्षित रूप से रोक सकते हैं। फिर भी, चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। विस्तृत जानकारी के लिएMedWiki देखें |अक्सर पूछे जाने वाले सवाल1. क्या हर बार उल्टी में घरेलू उपाय सुरक्षित हैं?हां, हल्की और कभी कभी होने वाली उल्टी में ये सुरक्षित होते हैं। बार बार या तेज उल्टी होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।2. मतली के लिए सबसे तेजी से कौन सा उपाय काम करता है?अदरक आमतौर पर मतली और उल्टी में सबसे जल्दी असर दिखाता है।3. क्या बच्चे ये उपाय इस्तेमाल कर सकते हैं?हां, चावल का पानी और नारियल पानी बच्चों के लिए कम मात्रा में सुरक्षित होते हैं।4. क्या उल्टी हमेशा संक्रमण का संकेत होती है?नहीं, उल्टी एसिडिटी, तनाव या मोशन सिकनेस की वजह से भी हो सकती है।5. उल्टी के बाद कितना तरल लेना चाहिए?हर कुछ मिनट में थोड़ा थोड़ा तरल लेना चाहिए।6. क्या गर्भवती महिलाएं घरेलू उपाय अपना सकती हैं?हां, अदरक और नींबू आधारित उपाय सीमित मात्रा में लिए जा सकते हैं।7. घरेलू उपाय कब बंद करके डॉक्टर को दिखाना चाहिए?अगर एक दिन से ज्यादा उल्टी हो या लक्षण बढ़ जाएं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
मतली आना और उल्टी होना कुछ ही मिनटों में शरीर की सारी ऊर्जा खत्म कर सकता है। चाहे यह फूड पॉइजनिंग, पेट का संक्रमण, एसिडिटी, प्रेगनेंसी,माइग्रेन, मोशन सिकनेस या फिर तनाव की वजह से हो, उल्टी होना काफी असहज और परेशान करने वाला अनुभव होता है। अधिकतर हल्के मामलों में शरीर पेट में मौजूद किसी भी परेशानी पैदा करने वाले तत्व को बाहर निकालने के लिए ऐसा करता है। तुरंत दवाइयों की ओर भागने के बजाय, बहुत से लोग सुरक्षित और समय से आजमाए गएउल्टी के घरेलू उपाय अपनाना पसंद करते हैं, जो शरीर को धीरे और प्राकृतिक तरीके से सहारा देते हैं।यह विस्तृत गाइड आपको सात प्रभावी घरेलू उपायों के बारे में बताएगा, जिन्हें आप घर पर आजमा सकते हैं, ये कैसे काम करते हैं, कब इस्तेमाल करने चाहिए और जल्दी ठीक होने के लिए जरूरी टिप्स भी शामिल हैं। ये उपाय सरल, किफायती और पीढ़ियों से भारतीय घरों में भरोसे के साथ इस्तेमाल किए जाते रहे हैं।उल्टी क्यों होती है और घरेलू उपाय कब मदद करते हैंउल्टी का नियंत्रण दिमाग और पाचन तंत्र दोनों मिलकर करते हैं। इसके कारण हो सकते हैं:• पेट का फ्लू• शरीर में पानी की कमी• फूड इंफेक्शन• भावनात्मक तनाव• मोशन सिकनेस• अपच या गैस• तेज गंध या स्वाद• गर्भावस्था में मतलीहल्के से मध्यम मामलों में, जहां तेज दर्द, बुखार या खून न हो,उल्टी के घरेलू उपाय पेट को शांत कर सकते हैं, मतली कम करते हैं और बार बार उल्टी होने से रोकते हैं। ये उपाय पाचन तंत्र को आराम देते हैं, पेट के एसिड को संतुलित करते हैं और शरीर को हाइड्रेट रखते हैं।अदरक एक शक्तिशाली प्राकृतिक एंटी नॉजिया उपायअदरक मतली और उल्टी के लिए सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपायों में से एक है। इसमें मौजूद तत्व पेट को जल्दी खाली करने में मदद करते हैं और आंतों की जलन को कम करते हैं।अदरक कैसे मदद करता है• पाचन सुधारता है• गैस बनने से रोकता है• पेट की ऐंठन कम करता है• दिमाग तक जाने वाले मतली के संकेतों को नियंत्रित करता हैअदरक का उपयोग कैसे करें• हर्बल चाय में अदरक डालें• गुनगुना अदरक पानी धीरे धीरे पिएं• सहन हो तो कच्चा अदरक चबाएं• ताजा अदरक कद्दूकस कर पानी में दस मिनट उबालेंयह उपाय मोशन सिकनेस, गर्भावस्था की मतली और अपच में बहुत अच्छा काम करता है। सभीउल्टी के घरेलू उपायों में अदरक सबसे तेजी से असर दिखाने वाला माना जाता है।पेट को शांत करने के लिए नींबू और शहदनींबू में मौजूद प्राकृतिक एसिड मतली को संतुलित करता है और लार बनने में मदद करता है। शहद पेट की अंदरूनी परत को आराम देता है और तुरंत ऊर्जा देता है।यह संयोजन क्यों असरदार है• शरीर को हाइड्रेट रखता है• पेट के एसिड को संतुलित करता है• उल्टी की भावना को नियंत्रित करता है• उल्टी के बाद आने वाला खराब स्वाद कम करता हैनींबू और शहद का उपयोग कैसे करें• गुनगुने पानी में मिलाएं• हर पंद्रह मिनट में धीरे धीरे पिएं• एक चम्मच शहद में ताजा नींबू रस मिलाएंयह फूड पॉइजनिंग या एसिडिटी से जुड़ी उल्टी के लिए सबसे भरोसेमंदउल्टी के घरेलू उपायों में से एक है।हल्की हाइड्रेशन और पेट को राहत देने के लिए चावल का पानीचावल का पानी अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन जब पेट ठोस भोजन सहन नहीं कर पाता, तब यह बेहद प्रभावी होता है। यह पेट की परत पर एक सुरक्षा परत बनाता है और जलन को कम करता है।चावल के पानी के फायदे• पचाने में आसान• हल्की ऊर्जा देता है• डिहाइड्रेशन से बचाता है• सूजे हुए पेट को शांत करता हैचावल का पानी कैसे बनाएं• पानी छान लें• हल्का गुनगुना होने दें• थोड़ी थोड़ी मात्रा में पिएं• सादे सफेद चावल ज्यादा पानी में उबालेंयह उपाय बच्चों, बुजुर्गों और उल्टी के बाद कमजोरी महसूस करने वालों के लिए बहुत उपयोगी है। यह सुरक्षितउल्टी के घरेलू उपायों का अच्छा उदाहरण है।मतली और गैस के लिए लौंगलौंग में मौजूद प्राकृतिक तेल पाचन तंत्र को शांत करते हैं और गैस या संक्रमण से होने वाली मतली को कम करते हैं।लौंग कैसे मदद करती है• पेट की गैस कम करती है• मुंह की बदबू दूर करती है• हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ती है• पेट की परेशानी कम करती हैलौंग का उपयोग कैसे करें• एक लौंग धीरे धीरे चूसें• गुनगुने पानी में लौंग पाउडर मिलाएं• दो लौंग पानी में उबालकर चाय की तरह पिएंयह उपाय गैस, फूड इंफेक्शन या मुंह के खराब स्वाद से जुड़ी उल्टी में ज्यादा असरदार होता है।तुरंत ठंडक के लिए पुदीने के पत्तेपुदीनापाचन तंत्र पर ठंडा और शांत प्रभाव डालता है। यह पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और उल्टी की इच्छा को कम करता है।पुदीने के फायदे• मतली को शांत करता है• सांस को ताजा बनाता है• पाचन सुधारता है• पेट की ऐंठन कम करता हैपुदीने का उपयोग कैसे करें• धीरे धीरे पिएं• थोड़ा शहद मिलाएं• ताजे पत्तों से पुदीना चाय बनाएं• पत्तों को पीसकर रस निकालेंपुदीना आधारितउल्टी के घरेलू उपाय गर्मी, एसिडिटी और तनाव से होने वाली मतली में खास तौर पर फायदेमंद होते हैं।पाचन सुधारने के लिए जीरा पानीजीरा पाचन को बेहतर बनाता है और पेट की जलन को कम करता है। यह उपाय भारतीय घरों में बहुत आम है और ज्यादा खाने या मसालेदार भोजन के बाद खास असर दिखाता है।जीरा क्यों असरदार है• गैस कम करता है• मतली को नियंत्रित करता है• पेट की परत को शांत करता है• पाचन एंजाइम्स को बेहतर करता हैजीरा पानी कैसे बनाएं• धीरे धीरे पिएं• छानकर हल्का ठंडा होने दें• एक चम्मच जीरा पानी में उबालेंजीरा पानी हल्का होता है और पाचन से जुड़ी परेशानी में रोजाना भी लिया जा सकता है। यह अपच से जुड़ेउल्टी के घरेलू उपायों में बेहद भरोसेमंद है।हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन के लिए नारियल पानीउल्टी से शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। नारियल पानी पेट को बिना नुकसान पहुंचाए इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बहाल करता है।नारियल पानी के फायदे• पचाने में आसान• पेट को ठंडक देता है• डिहाइड्रेशन से बचाता है• जरूरी मिनरल्स की पूर्ति करता हैसेवन कैसे करें• बार बार थोड़ी थोड़ी मात्रा में पिएं• ठंडा नारियल पानी न लेंयह उपाय बार बार उल्टी होने, गर्मी या पेट के संक्रमण के बाद बहुत फायदेमंद होता है।घरेलू उपाय अपनाते समय जरूरी बातें• शरीर को पूरा आराम दें• तला भुना और मसालेदार खाना न खाएं• उल्टी बंद होने तक ठोस भोजन न लें• बड़े घूंट की बजाय छोटे घूंट लें• आसपास का माहौल शांत और साफ रखें• उल्टी के तुरंत बाद सीधा न लेटेंउल्टी के घरेलू उपाय तब सबसे अच्छा काम करते हैं, जब उन्हें आराम और सही हाइड्रेशन के साथ अपनाया जाए।कब डॉक्टर को दिखाना चाहिएघरेलू उपाय हल्के मामलों के लिए होते हैं। डॉक्टर से संपर्क करें यदि• तेज बुखार हो• उल्टी में खून आए• डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखें• पेट में तेज दर्द हो• चौबीस घंटे से ज्यादा उल्टी हो• शिशु या गर्भवती महिला को बार बार उल्टी होनिष्कर्षउल्टी होना परेशान करने वाला हो सकता है, लेकिन कई मामलों में इसके लिए तेज दवाइयों की जरूरत नहीं होती। सरल और प्राकृतिक उपाय पेट को शांत कर सकते हैं और शरीर को प्राकृतिक रूप से ठीक होने में मदद करते हैं। ऊपर बताए गएउल्टी के घरेलू उपाय पाचन को आराम देने, पानी की कमी रोकने और संतुलन बहाल करने पर केंद्रित हैं।अपने शरीर की सुनकर और इन उपायों को समझदारी से अपनाकर, आप अक्सर घर पर ही उल्टी को सुरक्षित रूप से रोक सकते हैं। फिर भी, चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। विस्तृत जानकारी के लिएMedWiki देखें |अक्सर पूछे जाने वाले सवाल1. क्या हर बार उल्टी में घरेलू उपाय सुरक्षित हैं?हां, हल्की और कभी कभी होने वाली उल्टी में ये सुरक्षित होते हैं। बार बार या तेज उल्टी होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।2. मतली के लिए सबसे तेजी से कौन सा उपाय काम करता है?अदरक आमतौर पर मतली और उल्टी में सबसे जल्दी असर दिखाता है।3. क्या बच्चे ये उपाय इस्तेमाल कर सकते हैं?हां, चावल का पानी और नारियल पानी बच्चों के लिए कम मात्रा में सुरक्षित होते हैं।4. क्या उल्टी हमेशा संक्रमण का संकेत होती है?नहीं, उल्टी एसिडिटी, तनाव या मोशन सिकनेस की वजह से भी हो सकती है।5. उल्टी के बाद कितना तरल लेना चाहिए?हर कुछ मिनट में थोड़ा थोड़ा तरल लेना चाहिए।6. क्या गर्भवती महिलाएं घरेलू उपाय अपना सकती हैं?हां, अदरक और नींबू आधारित उपाय सीमित मात्रा में लिए जा सकते हैं।7. घरेलू उपाय कब बंद करके डॉक्टर को दिखाना चाहिए?अगर एक दिन से ज्यादा उल्टी हो या लक्षण बढ़ जाएं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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