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कमर दर्द से हैं परेशान ? तो तुरंत आजमाएं ये 5 राहत के घरेलू उपाय

अगर आप लंबे समय तक काम करने की वजह से कमर दर्द झेल रहे हैं और डॉक्टर के पास जाने का समय नहीं निकाल पा रहे हैं, तो घबराइए नहीं।कुछ सरल और असरदार घरेलू उपाय आपकी तकलीफ को कम कर सकते हैं और राहत दिला सकते हैं:1. हीटिंग पैड या आइस पैक का इस्तेमाल करेंमांसपेशियों में खिंचाव होने पर हीटिंग पैड या गर्म पानी से स्नान करें।अगर सूजन या चोट की वजह से दर्द हो रहा है, तो आइस पैक लगाना अधिक प्रभावी होता है।2. स्ट्रेचिंग और हल्का व्यायामनियमित स्ट्रेचिंग और व्यायाम पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, लचीलापन बढ़ाते हैं और कठोरता कम करते हैं।3. मालिश से पाएं आरामपीठ की हल्की मालिश तनाव और खिंचाव को कम कर दर्द से राहत देती है।इसके लिए आप फोम रोलर, टेनिस बॉल या किसी मसाज थेरेपिस्ट की मदद भी ले सकते हैं।4. हर्बल उपचार अपनाएंहल्दी और अदरक जैसी जड़ी-बूटियों में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।इन्हें आप चाय, पूरक या अपने भोजन में शामिल करके पीठ दर्द को कम कर सकते हैं।5. सही बैठने की आदत डालेंगलत आसन पीठ दर्द का एक आम कारण है।सीधे बैठें, कंधों को पीछे रखें और शरीर को संतुलित रखें — इससे पीठ की मांसपेशियों पर दबाव कम होता है।ये उपाय अस्थायी राहत दे सकते हैं, लेकिन यदि दर्द बना रहे या बढ़ जाए, तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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क्या आप भी इस बदलते मौसम में बढ़ती सर्दी या खांसी से परेशान है ? क्या ये पोलन एलर्जी के लक्षण हैं ?

allergy sardi ka ilaj भारत में जैसे ही शीतकाल के बाद गर्मियों की शुरुआत होती है, तो बहुत से लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनमें से एक है पोलन (पराग) एलर्जी, जो अस्थमा का कारण बन सकती है । पोलन, पौधों द्वारा उत्पन्न एक फाइन पाउडरी पदार्थ है, जिससे कुछ व्यक्तियों में एलर्जी उत्पन्न हो सकती है । इस ऋतु परिवर्तन के दौरान, कई पेड़ और पौधे खिलने लगते हैं, जिससे वायु में पोलन की मात्रा अधिक बढ़ जाती है और इसी बड़ी हुई मात्रा के कारण संक्रमण वाले लोगों में छींक, खुजली, बहती नाक और जमावदारी जैसे लक्षणों उत्पन्न होते है । पोलन एलर्जी से उत्पन्न संक्रमण से बचने के लिए, कई कदम उठाए जा सकते हैं: सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है अधिक पोलन उत्पादन घंटों के दौरान घर के अंदर रहना, जो की आमतौर पर सुबह के शुरुआती और शाम के अंतिम समय रहता है।यदि बाहर जाना जरूरी है, तो नाक और मुंह को ढकने के लिए एक मास्क या स्कार्फ लगा सकते है । पोलन एलर्जी को कम करने का एक और तरीका, ऑवर-दि-काउंटर एंटीहिस्टामाइंस या डीकंजेस्टेंट लेना है । ये दवाएं छींकने, खुजली और जमावदारी जैसे लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं । यदि किसी को पहले से कोई बीमारी है, तो किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है । दवा के अलावा, पोलन को कम करने के लिए कई प्राकृतिक उपचार भी हैं । इनमें फ्लूइड की पर्याप्त मात्रा पीना, सलाइन नेसल का उपयोग करना और एंटीऑक्सिडेंट जैसे से कि बेरी, पत्तेदार सब्जियां और सीट्रस फलखाद्य पदार्थों का सेवन करना शामिल हैं । अंत में, भारत में विंटर से समर के मौसम बदलाव के दौरान पोलन एलर्जी बहुत से लोगों के लिए दिक्कत पैदा कर सकती हैं। लेकिन, बचाव के उपाय अपनाकर और उपयुक्त उपचार लेने से, पराग एलर्जी के लक्षणों को नियंत्रित करना और कम करना संभव है । - Disclaimer : This video is for educational purposes only. Please consult your doctor for any health or medicine related query. Reliance on any information provided by Medwiki is solely at your own risk. Find us at: https://www.instagram.com/medwiki_/?h... https://medwiki.co.in/ https://twitter.com/medwiki_inc https://www.facebook.com/medwiki.co.in/

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Drx. Salony Priya

MBA (Pharmaceutical Management)