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स्पाइनल इंजरी | कैसे करें बचाव? Talk to Doc Season 2 Ep 7 | Dr. Adil Ahmad Karnul

क्या आप भी Spine की समस्याओं से जूझ रहे हैं? Dr. Adil Ahmad Karnul के साथ हमारे लेटेस्ट podcast में शामिल हों और spine safety, injury prevention, और spinal care से संबंधित महत्वपूर्ण tips जानें।"Talk to Doc" के सातवें एपिसोड में, Medwiki द्वारा संचालित, हमारी host Prerna के साथ Dr. Adil Ahmad Karnul spine health और safety पर एक जानकारीपूर्ण चर्चा करेंगे। इस एपिसोड में, Dr. Karnul सड़क दुर्घटनाओं, workplace incidents, और surgeries जैसी स्थितियों में spine की सुरक्षा के उपाय बतायेंगे। वे spine को healthy बनाए रखने और injuries से बचाव के लिए जरूरी precautions और tips पर भी चर्चा करेंगे।Dr. Adil Ahmed Karnul एक अत्यंत कुशल neurosurgeon हैं, जिनका medical background बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने MBBS की डिग्री हासिल की है, जिसके बाद उन्होंने General Surgery में MS किया, और Neurosurgery में MCh के साथ अपनी विशेषज्ञता को और बढ़ाया। Dr. Karnul को जटिल neurological conditions और spinal disorders के इलाज में विशेषज्ञता हासिल है, और वह अपने practice में गहन ज्ञान और अनुभव का समावेश करते हैं। उनकी patient care के प्रति निष्ठा और neurosurgical techniques की गहरी समझ उन्हें अपने क्षेत्र में एक सम्मानित व्यक्तित्व बनाती है।

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बच्चों को अनुशासित रखने के पांच आसान उपाय

आज के समय में parenting एक चुनौती बन गई है और आज के parents अपने बच्चों पर चिल्लाना या उन्हें मारना नहीं चाहते।क्या वे सही कर रहे हैं?जी हां, क्योंकि यह साबित हो चुका है कि "चिल्लाना" और "मारना" कभी भी मदद नहीं करते।लेकिन माता-पिता कभी-कभी इतना परेशान और नाराज हो जाते हैं, कि वह बच्चों पर चिल्लाने लगते हैं और कभी-कभी तो मार भी देते हैं। साथ ही हम कभी-कभी उन्हें “गंदा बच्चा” भी बोल देते हैं। याद रखिए बच्चा कभी भी गंदा या बुरा नहीं होता, अगर कुछ बुरा होता है तो वह है उनका व्यवहार, जिसे देर होने से पहले अनुशासित करने की जरूरत होती है।क्या आपके साथ भी ऐसा होता है और आप भी बाद में बुरा महसूस करते हैं?आज हम आपको बच्चों को अनुशासित करने के लिए पांच आसान उपाय बताएंगे:उनके साथ समय बिताएं: अपने बच्चों के साथ अच्छे संबंध बनाने के लिए उनके साथ विशेष समय बिताना बहुत जरूरी है। चाहे सिर्फ 10 या 20 मिनट का ही समय हो लेकिन उसमें आपको टीवी या मोबाइल बंद कर देना है और सिर्फ अपने बच्चों पर पूरा ध्यान देना है।वे जो अच्छा कर रहे हैं उसकी प्रशंसा करें: माता-पिता आमतौर पर गलत व्यवहार को पकड़कर उन्हें सुधारने के लिए बच्चों को समझाने लगते हैं। लेकिन, जब भी हम अपने बच्चों की प्रशंसा करते हैं, तो वे अच्छा महसूस करते हैं। इससे अच्छे व्यवहार को प्रोत्साहित करने में मदद मिलती है।अपनी बात को सीधी तरह रखें: जब भी आप बच्चे से कुछ कहे तो अपनी बात को सीधे तरीके से कहे। जैसे कि अगर आप चाहते हैं कि वे खेलने के बाद अपने खिलौने समेट कर रखे। तो यह न कहें कि "अपने खिलौने यहां मत छोड़ना" बल्कि कहें "खेलने के बाद अपने खिलौने डिब्बे में रख देना"। इससे आपके बच्चे को आपकी अपेक्षाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलती है।बच्चों का ध्यान भटकाएँ: ऐसे क्षण में जब आपका बच्चा बहुत चिड़चिड़ा या जिद्दी हो रहा हो, तो उसका ध्यान किसी positive activity की तरफ भटका देना हमेशा अच्छा होता है, जैसे कि उसके साथ थोड़ा खेलना शुरू कर दें या विषय बदल दें या फिर कहीं टहलने चले जाएं। ठीक समय पर ध्यान भटकाना बहुत जरूरी है, इसलिए इससे पहले कि बच्चों का व्यवहार कठोर हो जाए, उसका ध्यान भटका दे। अपने बच्चों के हिसाब से उसका ध्यान भटकाने का सही तरीका चुनें।गलत व्यवहार के परिणामों के बारे में बताएं: अगर वे कोई गलत बात करते हैं तो नाराज होने की बजाय उन्हें इसके परिणाम बताएं। जैसे कि अगर आप चाहते हैं कि वे खेलने जाने से पहले अपना homework पूरा कर लें तो बस कहें "आप अपना homework पूरा किए बिना खेलने के लिए बाहर नहीं जा सकते"। यह उनके लिए एक छोटी सी चेतावनी है कि वे अपना व्यवहार बदल लें।source: https://www.unicef.org/parenting/child-care/how-discipline-your-child-smart-and-healthy-way#:~:text=Use calm consequences&text=Give your child a chance,will end their play time.

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अपने माता-पिता को अकेला मत छोड़िए! उनसे बात कीजिए।

Senior citizens यानी वो लोग जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा होती है, उनमें अकेलापन और social isolation काफ़ी ज़्यादा पाया जाता है।Loneliness का मतलब लोगों के भीड़ में होके भी अकेला महसूस करना होता है।Social isolation का मतलब है कि, कोई इंसान जिसको उसके परिवार वालों ने, या जान-पहचान वालों ने अकेला छोड़ दिया हो।American journal के एक review study के मुताबिक, ऐसे लोगों में भूलने की बीमारी का risk 50 गुना बढ़ जाता है, साथ ही heart disease से होने वाली मौत का risk 29% बढ़ जाता और premature death यानी समय से पहले होने वाली मौत का risk भी बढ़ जाता है।Senior citizens में अकेले होने के कारण हैं:बच्चे parents के साथ नहीं रहते या फिर घर से दूर रहते होंअपने partner यानी husband या wife की death हो चुकी होजान-पहचान वाले या दोस्तों की death हो चुकी होकोई बात करने को नहीं होताSociety में ज़्यादा लोगों को जानते नहीं हैंया retirement के बाद घर पे अकेले होऔर रोज़ाना कोई भी ऐसा काम ना करना जिससे आप busy रह सकेंये सारे problems हमारे parents, grand parents यानी senior citizens में अकेलापन या social isolation का कारण होते हैं। और यही अकेलापन और social isolation के कारण parents में depression, anxiety और suicide का rate भी बहुत ज़्यादा है।इसलिए ज़रूरी है कि हम अपने parents या grand parents से बात करते रहें, उनके साथ time spend करें, उनको किसी काम में busy रखें, या फिर उनके health के लिए उन्हें किसी yoga class में join करवा दें ताकि वो खुद को अकेला महसूस न करें और healthy रह सकें।

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Chikungunya | मच्छरों से होने वाली बीमारियाँ Part-3 | लक्षण और उपचार !

चिकनगुनिया: चिकनगुनिया मच्छरों Aedes (Stegomyia) aegypti and Aedes (Stegomyia) albopictus, द्वारा फैलता है। यही मच्छर डेंगू और जीका वायरस भी फैला सकते हैं।चिकनगुनिया के लक्षण: इसके लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के 2 से 12 दिनों के भीतर दिखना शुरू होते हैं। इसमें जोड़ों के दर्द के साथ-साथ अचानक बुखार आता है जो कुछ दिनों से लेकर कुछ वर्षों तक बना रह सकता है। जोड़ों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द, उल्टी आना, थकान और त्वचा पर चकत्ते (rashes) भी कुछ अन्य लक्षण है। कभी-कभी आंख एवं हृदय से संबंधित परेशानियों के मामले भी देखे गए हैं।चिकनगुनिया से बचाव के कुछ तरीके: मच्छरों के काटने से बचना ही सबसे अच्छा बचाव है। जिन भी चीजों में पानी भरा हो उन्हें हर हफ्ते खाली करके साफ किया जाए, कूड़े को सही जगह फेका जाए, समुदाय में किसी भी तालाब या वस्तु में पानी जमा न होने दे क्योंकि रुके हुए पानी में मच्छर अंडे देते हैं एवं पानी से भरी वस्तुओं में उचित कीटनाशक जरूर लगाए। ऐसे कपड़े पहने जो आपके शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढक सके, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, घर की जाली की खिड़कियां बंद रखें, खुली त्वचा या कपड़ों पर मच्छर भगाने वाली वस्तुओं (repellants) का उपयोग करें (containing DEET, Icaridin or IR3535)।चिकनगुनिया के उपचार: बुखार एवं जोड़ों के दर्द के लिए anti-pyretics और analgesics दिए जाते हैं, बहुत अधिक मात्रा में पानी या कोई भी तरल पदार्थ पीने से और आराम करने से इसका उपचार हो सकता है। इसके इलाज के लिए कोई antiviral दवा मौजूद नहीं है। जब तक यह पक्का ना हो जाए कि मरीज डेंगू से पीड़ित नहीं है तब तक दर्द से आराम और बुखार को कम करने के लिए Paracetamol or acetaminophen दिया जाता है।Source:-https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/chikungunya

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हैजा ! जलभराव से होने वाली बीमारियाँ Part 4 ! लक्षण और उपचार!

हैजा एक ऐसी बीमारी है जिसमें bacteria (Vibrio cholerae) के पानी या भोजन में होने की वजह से पाचन शक्ति खराब हो जाती है और तीव्र (severe) डायरिया (diarrhoea) हो जाता है। अगर इसका सही समय पर इलाज न किया जाए तो कुछ ही घंटे में मरीज इसकी वजह से मर भी सकता है।हैजा के लक्षण: इसके लक्षण दिखने में लगभग 12 घंटे से लेकर 5 दिन का समय लग सकता है। कुछ मरीजों को एकदम पानी जैसा दस्त हो जाता है।अगर इलाज न किया जाए तो इससे मृत्यु भी हो सकती है।हैजा के उपचार: हैजा का उपचार आसानी से किया जा सकता है। जल्दी से जल्दी मरीज को ORS (oral rehydration solution) पिलाया जाना चाहिए। गंभीर मामलों में कुछ उचित antibiotics के साथ-साथ नसों के माध्यम से तरल पदार्थ दिए जाने चाहिए जो कि दस्त की अवधि को कम करने एवं तरल पदार्थ की आवश्यकता को कम करने में मदद करता है।Source:- 1. https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/cholera

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क्या आप वजन बढ़ने से चिंतित हैं? देखें आपका दिमाग आपके साथ क्या कर रहा है!

हो सकता है कि आपका वजन पहले से ही ज्यादा ना हो फिर भी आप मोटापे को लेकर बेहद परेशान हैं और आपने अपना खाना पीना भी काफी सीमित कर लिया है। आपको क्या लगता है, यह क्या हो सकता है?हो सकता है यह सिर्फ आपके जीवन शैली का एक बदलाव न हो बल्कि यह Anorexia Nervosa का एक गंभीर लक्षण हो। लगभग 1% युवा महिलाएं इस गंभीर समस्या से परेशान हैं।किसको इसका सबसे ज्यादा खतरा है?इससे संबंधित 80-90% मामले युवा लड़कियों (लगभग 15 वर्ष की आयु) में पाए जाते हैं। इस स्थिति के कारण काफी हद तक उनका वजन कम हो जाता है और उन्हें जल्द ही अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आ जाती है। दुख की बात तो यह है कि Anorexia Nervosa में किसी भी और psychiatric disorder के मुताबिक सबसे ज्यादा मृत्यु दर (death rate) है।युवाओं में क्या परिवर्तन देखने को मिलता है?युवा लड़कियां अक्सर कुछ खाने पीने की चीजों को या तो खाना कम कर देती हैं और या फिर छोड़ देती हैं जो वह आमतौर पर खाती रही हैं। वे स्कूल का टिफिन, घर में रात का खाना छोड़ देती हैं या फिर मिठाई और स्नेक्स जैसी चीजों से इनकार करने लगती हैं। वह चीनी और वसा को अपने आहार से निकाल देती हैं और बहुत अधिक शारीरिक गतिविधियां करने लगती हैं।Anorexia Nervosa के 6 गंभीर लक्षण:पीरियड्स न आनाडिप्रेशनक्रोध का दौरा पड़नाकंसंट्रेशन में कमीनींद ना आने की समस्याअसामाजिक हो जानाAnorexia Nervosa से क्या हो सकता है?यह बीमारी अक्सर कुछ और गंभीर बीमारियों को अपने साथ लेकर आती है जैसे कि obsessive compulsive disorder (OCD), substance use disorder और Anxiety disorders.Anorexia Nervosa को पकड़ में आने से ठीक होने तक आमतौर पर 5 6 साल लग सकते हैं।source: https://www.diva-portal.org/smash/get/diva2:559498/FULLTEXT02.pdf https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1857759/

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क्या आपको दिनभर बस खाते रहने का मन करता है: इसका कारण क्या हो सकता है?

अगर आप पूरा दिन सिर्फ खाने और खाने के बारे में ही सोचते हैं, तो हो सकता है कि आप Bullimia Nervosa के शिकार बन चुके हैं।Bullimia Nervosa जिसे Bullimia भी कहा जाता है, यह एक गंभीर eating disorder है। इसमें व्यक्ति पहले अत्यधिक मात्रा में खाता है और फिर सब कुछ उल्टी करके बाहर निकाल देता है।Bullimia Nervosa ज्यादातर किन में पाया जाता है?ज्यादातर यह Adolescent girls (किशोरियों) में देखा गया है।Bullimia Nervosa में क्या होता है?इसमें अक्सर 3 स्तर देखे गए हैं:स्तर 1: जब व्यक्ति अपने खाने की मात्रा पर नियंत्रण खो देता है और सामान्य से बहुत अधिक खाने लगता है।स्तर 2: जब व्यक्ति वजन बढ़ाने के डर से सब कुछ खाया हुआ उल्टी कर देता है।स्तर 3: जब व्यक्ति बहुत अधिक मात्रा में शारीरिक गतिविधि, उल्टियां या उपवास करने लगता है ताकि उसका वजन न बढ़ जाए।Bullimia Nervosa से क्या होता है?Bullimia Nervosa एक मानसिक problem है जो काफी परेशानियों का कारण बन सकता है, जैसे किSalivary glands और गालों में सूजनGERD: गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोगBarrett Esophagus, जिससे एसोफैगस कैंसर भी हो सकता हैखांसी, (hoarse) कर्कश आवाज और गले में खराशIrritable Bowel Syndromeकब्जदांतों की समस्याDiabetes (मधुमेह)अक्सर देखा जाता है कि Bullimia Nervosa से पीड़ित लोग ठीक हो जाते हैं। हमारा पहला और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है: बहुत अधिक खाने और उल्टी कर देने के इस चक्र को रोकना।source: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK562178/

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ICMR के हिसाब से हमें क्या खाना चाहिए?

आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में कुल बीमारियों का लगभग 56.4% हिस्सा अस्वास्थ्यकर आहार की वजह से है। वैसे तो हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ आहार और शारीरिक गतिविधि ऐसी दो चीज हैं जो दिल की बीमारी और ब्लड प्रेशर के जोखिम को कम करता है साथ ही diabetes को लगभग 80% तक रोकने में मदद करता है।इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के "My Plate" से हमें इसका उत्तर मिल गया है कि हमें पूरे दिन में क्या-क्या और कितना खाना चाहिए।चलिए एक बार पीछे मुड़कर देखते हैं और सोचते हैं कि हम हर रोज क्या कहते हैं। क्या कोई एक ऐसा food group है जो हमारे रोज के खाने में सबसे ज्यादा मात्रा में उपलब्ध होता है?जी हां, researches से भी यह साबित हो चुका है कि भारतीय आहार पूरी तरह से सिर्फ “Refined Cereals” पर आधारित है। जबकि हमारे आहार में सभी micronutrients से भरपूर चीजों पर भी हमें ध्यान देना चाहिए जैसे की साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स, सब्जियां और फल आदि।मुझे लगता है कि एक सवाल अभी भी हमारे मन में आ रहा है - हमें कितना खाना चाहिए?आइए इसे आईसीएमआर की My Plate से समझते हैं: हमारे रोज के आहार में, क्या कितना होना चाहिए:सब्जियाँ, फल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, जड़ें और कंद: एक दिन में 500 ग्राम (आपके दैनिक आहार का 50% हिस्सा)1. दालें, अंडे और मांसयुक्त खाद्य पदार्थ: एक दिन में 85 ग्राम2.मेवे और बीज: प्रति दिन 35 ग्राम3.वसा और तेल: प्रति दिन 27 ग्राम4.अनाज और पोषक अनाज: प्रति दिन 250 ग्रामदूध: प्रतिदिन 300 मि.लीयाद रखें, यह केवल एक बार के भोजन के बारे में नहीं है, बल्कि आपको एक दिन में क्या खाना चाहिए इसके बारे में है।इसलिए, हमारे खान-पान की आदतों में वास्तविक बदलाव की जरूरत है। पहले कदम के रूप में आइए हम फलों और सब्जियों पर अधिक ध्यान दें और अनाज में कटौती करें।किन चीजों से बचें:1. अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड2. उच्च वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थकिन चीजों को कम से कम ले:1.चीनी2. खाना पकाने के लिए तेल3. बीच-बीच की स्नैकिंग4. पूरा जीवन स्वस्थ रहने के लिए इस स्वस्थ आहार का पालन करें।source:https://main.icmr.nic.in/sites/default/files/upload_documents/DGI_07th_May_2024_fin.pdf

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Drx. Salony Priya

MBA (Pharmaceutical Management)