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Dussehra 2024: Apne Buri Aadaton Ko Kaise Jalayein? Health Tips!

Dussehra: Sirf Raavan ko nahi, apne andar ke 'Raavan' ko bhi harayeinDussehra ek aisa tyohar hai jo Raavan ki buraiyon par acchai ki jeet ka prateek hai. Lekin, kya aapne kabhi socha hai ki hum sabki zindagi mein bhi kai chhote-chhote 'Raavan' chhupe hote hain? Ye 'Raavan' humari buri aadatein hain—jaise gussa, aalas, unhealthy khana, stress lena, kam neend lena, exercise na karna, aur apni sehat ko nazarandaz karna.Jaise Raavan ke dus sir the, waise hi humari zindagi mein bhi kai buri aadatein hoti hain, jo humari sehat aur khushi ke raste mein rukawat banti hain. In aadaton ko pehchanna aur unhe khatam karna zaroori hai, taaki hum ek behtar, healthy aur energetic life jee sakein.Raavan ke dus sir aur humari buri aadatein:1. Gussa: Raavan ka ghamand uski sabse badi kamzori thi. Hamara gussa bhi waise hi humari zindagi mein pareshaniyan badha sakta hai.2. Aalas: Kaam ko talna aur aalas karna humari productivity aur growth ko rokta hai.3. Sehat ko nazarandaz karna: Apni physical aur mental health ka dhyan na dena humare jeevan ke balance ko bigaad sakta hai.4. Unhealthy khana: Jaise raavan apni ichhaon ke vash mein tha, hum bhi unhealthy cravings ka shikaar ho jaate hain.5. Stress lena: Zyada chinta karna hamare man aur sharir dono ko nuksan pahunchata hai.6. Kam neend lena: Neend ki kami se hum thake hue aur kamzor mehsoos karte hain, jo din bhar ke kaamon ko asar dalti hai.7. Exercise na karna: Shariirik roop se sakriya na rehna humare overall health ko affect karta hai.8. Jaldi gussa hona: Chhoti-chhoti baaton par gussa aana emotional stability ko affect karta hai.9. Negative soch: Negetivity se hamari mental health prabhavit hoti hai, aur hum apne goals ko paane se door ho jaate hain.10. Apne liye waqt na nikalna: Jaise Raavan apne ghamand aur takkaron mein uljha raha, hum bhi apni routine mein itne busy ho jaate hain ki apne liye waqt nahi nikalte.Chhote lifestyle changes, bade results:Mindful eating: Apne khane ko dhyan se chuney. Zyada processed food ke bajaye fresh aur healthy khana apnaayein.Stress management: Meditation, deep breathing exercises aur yoga apne routine mein shamil karein.Adequate sleep: Raat ko kam se kam 7-8 ghante ki neend lein taaki aap fresh aur energetic feel karein.Exercise: Rozana 30 minute walk, yoga, ya exercise karna apko physically aur mentally strong bana sakta hai.Time management: Apni priorities set karen aur apne liye bhi waqt nikalna seekhein.Apni life ke 'Raavan' ko alvida kahenIs Dussehra, sirf Raavan ke putle ko nahi, apni unhealthy habits ko bhi jalayein. Ek buri aadat ko chhodiye aur ek healthy aur happy life ki taraf kadam badhaiye. Chhote-chhote lifestyle changes se aap apni zindagi ko behtar bana sakte hain. Acchai ko chuney, sehat ko apnayein, aur apne 'Raavan' ko harayein.

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तेल को बार-बार गर्म करने के नुकसान!

आज हर जगह लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि "खाना पकाने के तेल को दोबारा इस्तेमाल करने के क्या नुकसान हैं?"भारतीयों को तेल का उपयोग करके खाना पकाना बहुत अच्छा लगता है। और अगर भारत में कोई विशेष अवसर हो या कोई त्योहार हो तो वह भी पूड़ी और पकौड़े बनाए बिना पूरे नहीं होते हैं।लेकिन देखा गया है कि हम अपना खाना बनाने के लिए अक्सर एक ही तेल का इस्तेमाल बार-बार करते हैं, ताकि लागत भी बचे और तेल की बर्बादी भी कम से कम हो। सिर्फ हमारे घर में ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे खाने की दुकानों, होटलों और रेस्तरांओं में हर जगह तेल का दोबारा इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन, एक ही खाना पकाने के तेल को बार-बार इस्तेमाल करने के दुष्परिणामों के बारे में कभी कोई बात नहीं करता।आइए आज समझते हैं कि जब खाना पकाने के तेल को बार-बार इस्तेमाल किया जाता है तो क्या होता हैतेल को बार-बार गर्म करने से इसमें टोटल पोलर कंपाउंड (टीपीसी) बनता है जो इसे उपभोग के लिए खराब बना देता है। बार-बार गर्म करने से, खाना पकाने के तेल के पोषण गुणों पर भी काफी गलत असर पड़ता है।खाना बनावे में इस्तेमाल होखे वाला तेल के बारे में अबहियों सवाल बा? भरोसेमंद सोर्स से सही जवाब पाईं Ask Medwikiखाना पकाने के तेल का दोबारा उपयोग हमारे स्वास्थ्य पर कैसे प्रभाव डालता है?कई अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि खाना पकाने के तेल को दोबारा गर्म करने से:इसमें हानिकारक toxins निकलते हैंइसमें ट्रांस-फैट की मात्रा बढ़ जाती हैवह ताजा नहीं रह जाता और इसलिए स्वाद या गंध खराब हो सकती हैकुछ बहुत हानिकारक प्रतिक्रियाएँ होने लगते हैंतेल को दोबारा गर्म करना लोगों की सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। इसके बहुत गंभीर हानिकारक प्रभाव हो सकते हैं।खाना पकाने के लिए तेल का उपयोग करते समय हम क्या सावधानियां बरत सकते हैं?तेल को दोबारा गर्म करते समय हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए कुछ उपाय हैं:तेल को ज्यादा देर तक गर्म न करेंभोजन को तलने से पहले उसमें नमक न डालेंContamination को कम करने के लिए तेल में खाने के कणों को जमा होने से रोकें।हालाँकि, दोबारा गर्म किए गए खाना पकाने के तेल के हानिकारक प्रभावों से हमें बचाने में मदद करने के लिए खाद्य तेल के पुन: उपयोग को सख्ती से नियंत्रित करना बेहतर होता है।Source:-1https://www.researchgate.net/publication/336800574_The_Effect_of_Repeatedly_Cooking_Oils_on_Health_and_Wealth_of_a_Country_A_Short_Communication2. https://fssai.gov.in/upload/media/FSSAI_NEws_Oil_Insider_30_09_2019.pdf

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Navratri Fasting Tips| सही से व्रत करने के तरीके! नवरात्रि व्रत में क्या खाएं?

वरात्रि व्रत का महत्व: वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारणनवरात्रि का पवित्र त्योहार शुरू हो चुका है, और इस दौरान बहुत से लोग व्रत भी रखते हैं। पर क्या आपने कभी सोचा है कि नवरात्रि में व्रत क्यों किया जाता है? दरअसल, इस व्रत का एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कनेक्शन है। हमारे पूर्वजों ने नवरात्रि के समय व्रत रखने की परंपरा इसलिए बनाई थी ताकि हम भक्ति के साथ-साथ अपने पाचन तंत्र को भी आराम दे सकें और अपने मन और शरीर को शुद्ध कर सकें।आज हम जानेंगे कि नवरात्रि के व्रत को सही तरीके से कैसे किया जाए, ताकि आप पूरे 9 दिन स्वस्थ और ऊर्जावान रह सकें।1) हाइड्रेटेड रहेंव्रत के दौरान अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद ज़रूरी है। पानी के साथ-साथ नारियल पानी, लस्सी या जूस का सेवन करें। ये न सिर्फ आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स को भी संतुलित करते हैं। नारियल पानी में पोटैशियम होता है, जो मांसपेशियों की थकान को कम करने में मदद करता है और आपको सक्रिय बनाए रखता है। सही हाइड्रेशन से आपका मेटाबॉलिज्म भी ठीक रहता है।2) सही खानपान अपनाएंकुट्टू, सिंघाड़ा और राजगिरा जैसे ग्लूटेन-फ्री अनाज व्रत के लिए बहुत अच्छे होते हैं। ये अनाज पचने में आसान होते हैं और आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। कुट्टू में प्रोटीन, फाइबर और रूटिन नामक फ्लेवोनॉइड होता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। ये अनाज पाचन को सही रखते हैं और पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखते हैं।3) हेल्दी फैट्स का सेवन करेंघी, पनीर और दही जैसे हेल्दी फैट्स आपके शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं और मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं। घी में ब्यूटिरिक एसिड होता है, जो पेट की लाइनिंग को हील करने में मदद करता है। ये फैट्स आपकी भूख को नियंत्रित रखते हैं और शरीर को आवश्यक पोषण देते हैं।4) हल्का खाना खाएंव्रत के दौरान हल्के स्नैक्स का सेवन करें जैसे फल और भुने हुए मखाने। फलों में नैचुरल शुगर और फाइबर होते हैं, जो पाचन को आसान बनाते हैं। मखानों में एंटीऑक्सीडेंट्स और मैग्नीशियम होते हैं, जो शरीर को पोषण देते हैं। तले हुए खाने से परहेज करें, क्योंकि यह पाचन को धीमा कर सकता है और पेट में भारीपन पैदा कर सकता है।कौन नहीं रखें व्रतहालांकि व्रत एक पवित्र परंपरा है, लेकिन यह सभी के लिए नहीं होता। गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं, बच्चे, किशोर, या वे लोग जिन्हें हृदय संबंधी समस्याएं, टीबी, या कोई अन्य चिकित्सा समस्या हो, उन्हें व्रत नहीं रखना चाहिए। क्योंकि स्वास्थ्य सबसे पहले आता है, है ना?स्मार्ट व्रत रखें और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंइस नवरात्रि अपने व्रत को समझदारी से मैनेज करें और अपने शरीर और आत्मा को शुद्ध रखें। माँ दुर्गा का आशीर्वाद और उनकी शक्ति आप सभी के साथ हो। आपका व्रत सफल और फलदायी हो।जय माता दी!

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कुछ नुस्खे जो रखते हैं हमारे athletes को Stress free !

क्या एथलीट्स को भी कुछ तनाव होता है. क्यों नहीं, आख़िर वह देश के लिए खेलते हैं और देश को कभी निराश करना नहीं चाहते!सभी एथलीट के बारे में रिसर्च करने से एक इंटरेस्टिंग बात पता चली की सभी के तनाव निपटने के अपने अलग-अलग तरीके हैं आईए देखते हैं कौन सा एथलीट अपना तनाव कैसे mitaata है!PV Sindhu: पीवी सिंधु की लाइफ में मेडिटेशन का बहुत प्रमुख रोल हैवह कहती है कि मेडिटेशन का अभ्यास शुरू करने के बाद उनके दिमाग और दिल में क्या चल रहा था उसके बारे में उन्हें एकदम क्लेरिटी थी साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने जीवन में एकदम रियल चेंज महसूस हुआ और इसीलिए वह सभी को रोज मेडिटेशन करने की सलाह देती हैManu Bhaker: मनु भाकर ने भी अपने एक इंटरव्यू में सोने से पहले मेडिटेशन का अभ्यास करने के बारे में बताया था जिससे उन्हें अच्छी नींद लेने में और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है. साथ ही वह तनाव को मैनेज करने के लिए योग भी करती हैंसाथ ही उनमें "भगवद गीता के श्लोकों" को लेकर लेकर गहरी धार्मिक आस्था है। वह हर रात सोने से पहले 2 श्लोक पढ़ती हैं जिससे उनके दिमाग में काफी clarity आती है।वह तो अपने तनाव को कम करने के लिए "पेंटिंग" करना भी पसंद करती है।Virat Kohli: विराट कोहली ने एक बार कहा था कि मुझे 13 लोगों से गिरे कमरे में भी अकेलापन महसूस हो रहा था हम समझ सकते हैं कि उसे समय वह किसी तनाव से गुजर रहे होंगे तो आखिर उन्होंने ऐसा क्या किया वह कहते हैं आराम करना और खेल के दबाव से उभारनाबहुत महत्वपूर्ण हैक्योंकिउसे संबंध को खोने से आसपास की कई अन्य चीज खराब हो सकती हैंइसीलिए ठीक होने के लिए आराम करना ही उनके लिए तनाव दूर करने की एक कुंजी हैSaina Nehwal: साइना नेहवाल का दृष्टिकोण अलग है वह कहती है ऐसी स्थिति में जहां आप कभी-कभी जीत नहीं पाते हैं और आप तनाव ग्रस्त होते हैं अपनी भावनाओं और तनाव को दूर करने के रोने से मन हल्का किया जा सकता है साथ ही उनका कहना है कि रोने के बाद वह बहुत जल्दअपनी प्रेक्टिस पर लौट जाती हैं क्योंकि वह यह नहीं बोलते कि बाकी सभी खिलाड़ी इस समय अगले खेल के लिए प्रैक्टिस कर रहे हैंMohammad Ali:मुहम्मद अली, कोबे ब्रायंट और फ़्लॉइड मेवेदर जैसे एथलीट तनाव-निवारक के रूप में नृत्य को चुनते हैं*तो, ध्यान से लेकर योग तक, रोने से लेकर भगवद गीता सुनने तक और आराम से लेकर नृत्य तक कई उपचार हैं जो हमारे एथलीटों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए उनकी मदद करते हैं।Source:- 1. https://www.health.harvard.edu/blog/mindfulness-meditation-may-ease-anxiety-mental-stress-201401086967 2. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4142584/

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मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए 7 types of rest! 7 types के आराम जिनकी आपको ज़रूरत है!

Rest की ज़रूरत हर किसी को होती है ताकि उनका physical से लेके mental health बना रहे। लेकिन क्या सिर्फ़ आंखें बंद करना या 6-8 घंटे की नींद लेने को rest कहते हैं? अगर सिर्फ़ सोने से complete rest मिलता तो, फिर क्यों अगले सुबह थकान महसूस होती है, काम करने का मन नहीं करता, या फिर एक break लेने का मन होता है?वो इसलिए क्यों कि सिर्फ़ सोने से आपको physical rest मिलता है, पर जो daily life stress है उसको हटाने के लिए और life में mental, physical और spiritual balance बनाए रखने के लिएTotal 7 types के rest हैं, जिसकी ज़रूरत हर किसी को होती है। आइए जानते हैं इन 7 types के rest के बारे में:Physical Rest: Physical rest की ज़रूरत तब होती है जब आपके body में कोई pain हो रहा हो, या फिर आप थक गए हैं, या फिर आपने कोई बहुत मेहनत वाला काम किया हो। Physical rest में सोना, nap लेना, exercise करना, stretching करना या फिर massage लेना होता है। ये सब करने से आपके body के tissues repair होने लगते हैं, stress कम होता है साथ ही energy level वापस maintain होती है।.Mental Rest: Mental rest की ज़रूरत तब होती है जब आपको सोचने-समझने में दिक्कत आती है, और रात भर आपके दिमाग़ में कुछ चल रहा होता है, या फिर चीजें याद नहीं रहतीं। Mental rest में आपको अपने काम के बीच छोटे-छोटे breaks लेने होते हैं, meditation करना होता है, जिससे आपको एक break मिलता है और आपको mental clarity मिलती है।Emotional Rest: Emotional rest की ज़रूरत तब होती है जब आप बहुत दुखी होते हो, गुस्सा, या irritated होते हो और आप अपने मन की बात किसी से कह नहीं पाते। ऐसे condition में आपको अपने किसी दोस्त या भरोसे वाले इंसान से बात करने की ज़रूरत होती है, ख़ुद का ख़याल रखना होता है।Sensory Rest: Sensory rest की ज़रूरत तब होती है जब आप अपने आस-पास की light, sound या सारी digital चीज़ों से परेशान हो जाते हैं। ऐसे case में आपको सारे electronic devices से दूर किसी natural place में time spend करना चाहिए जिससे आपका दिमाग़ शांत होता है और आपको relax feel होता है।Creative Rest: Creative rest की ज़रूरत तब होती है जब आपको लगता है कि आप काफ़ी time से एक ही काम कर रहे हैं, आप कहीं पे फंस गए हैं, या कोई नया काम करने की इच्छा नहीं होती। ऐसे condition में आपको किसी museum या किसी art gallery जाना चाहिए, या कोई ऐसी handicrafts वाली जगहों पे जाना चाहिए जहाँ से आपको inspiration मिले, आप कोई song भी सुन सकते हैं और फिर कोई नई book पढ़ सकते हैं।Social Rest: Social rest की तब ज़रूरत होती है जब आप अपने society के लोगों से या फिर social gatherings से थक गए हैं, आप अकेले रहना चाहते हैं। ऐसे case में आपको अपने किसी supportive friend के साथ time बिताना चाहिए, और ऐसे social gatherings से दूर रहना चाहिए ताकि आप positive सोच सकें और positive relationship बना सकें, fake लोगों से हट के।Spiritual Rest: Spiritual rest की ज़रूरत तब होती है जब आपको लगता है कि life में कुछ करने को है ही नहीं, या कुछ अच्छा नहीं हो रहा, या फिर अपने होने का reason नहीं पता चल रहा। ऐसे condition में आपको कोई meditation, पूजा, या लोगों की सेवा करनी चाहिए। इससे आपको लगेगा कि आपके होने का क्या मतलब है, आप कितने important हैं।अब अगर आपको थका-थका महसूस हो तो check कीजिए आपको कौनसे type की rest की ज़रूरत है और जी भर के rest कीजिए। क्योंकि “Self care can get your power back”!Source:-1. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5342845/ 2. https://www.mentalhealth.org.uk/sites/default/files/2022-06/Rethinking-Rest-guide-from-the-Mental-Health-Foundation.pdf

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ठन्डे पानी से नहाना क्यों prefer करते हैं Sunil Chhetri ?

Football legend Sunil Chhetri ne apne interview mein bataya ki mausam chaahe koi bhi ho, wo sirf thande paani se hi nahaate hain.OMG Ah shayad wo Delhi wali winters ke baare mein baat nahin kar rahe hain.Kya, Delhi wali winters mein bhi.Magar issey hamara kya fayda?Circulation aur immune system ko boost karta haiExercise ke baad recovery ko enhance karta haiAlertness aur mental clarity ko badhaata haiSkin aur hair quality improve karta haiWeight loss mein help karta haiStress relieve karta haiSleep quality improve karta haiItne saari fayde!! mujhe to ye change Lana padega. Aap thande paani se nahaate hain ya garam? Comment Karke humey batayen.Source:- https://continentalhospitals.com/blog/8-cold-shower-benefits/

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Protein के sources: vegetarians के लिए!

शाकाहारी लोग ज्यादातर यह कहते हुए पाए जाते हैं कि "हम अंडे, मछली, मांस या चिकन नहीं खाते, हम अपनी प्रोटीन आवश्यकताओं को कैसे पूरा कर सकते हैं?"हम अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि "मुझे एक दिन में कितना प्रोटीन चाहिए"?क्या आप जानते हैं?रोज के खाने से हमें लगभग 60-70 ग्राम प्रोटीन मिल जाता है, जो हमारी आवश्यकता से भी अधिक है। हालाँकि, प्रोटीन की गुणवत्ता और सभी आवश्यक अमीनो एसिड की आवश्यकताओं को पूरा करना एक चुनौती हो सकती है।तो आखिर शाकाहारियों के लिए प्रोटीन की पूर्ति के लिए क्या समाधान है?अनाज और दालों का उचित संयोजनआहार में मेवे और बीज शामिल करेंदैनिक आहार में दूध शामिल करेंयह आपकी आवश्यकता को पूरा करने के लिए उचित प्रोटीन सेवन का एक मंत्र है। शाकाहारी भोजन में प्रोटीन पाचन क्षमता 75 से 85% होती है।आपको कितना प्रोटीन चाहिए?एक स्वस्थ पुरुष एवं महिला को 0.83 gm/kg/day प्रोटीन की जरूरत होती है।क्या अब यह समझना मुश्किल है कि "आपको हर रोज कितने प्रोटीन की आवश्यकता है?"अपने आहार में इन प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल करें:दालें: दालें, हरा चना, कुलथी चना, काला चना, चना, राजमा, लोबिया, सोयाबीन और हरी मटर।मेवे और बीज: बादाम, पिस्ता, काजू, अखरोट, हेज़लनट, चिया बीज, कद्दू के बीज, अलसी के बीज और तिल।दूध एवं दूध से बने हुए उत्पादक्या केवल प्रोटीन, मांसपेशियों के निर्माण के लिए पर्याप्त है?नहीं, यह एक मिथ है और हम लोगों को मांसपेशियों के निर्माण के लिए अतिरिक्त प्रोटीन, यहां तक कि प्रोटीन पाउडर का सेवन करते हुए देखते हैं। दरअसल, उच्च स्तर के प्रोटीन का सेवन, विशेष रूप से प्रोटीन सप्लीमेंट के रूप में, recommended नहीं है।आपको पता होना चाहिए:आहार में पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट और fat के बिना, प्रोटीन का कुशलतापूर्वक उपयोग नहीं किया जाता है।पर्याप्त शारीरिक गतिविधि के बिना, शरीर सौष्ठव के लिए प्रोटीन का उपयोग नहीं किया जाता है।तो शाकाहारियों, अब प्रोटीन सेवन के बारे में चिंता करना बंद करें, आपका आहार अपने आप में संपूर्ण है।हमारे साथ अपने ऐसे और मिथकों को तोड़ें।Source:- 1.https://main.icmr.nic.in/sites/default/files/upload_documents/DGI_07th_May_2024_fin.pdf

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पढ़ाई करते समय कैसे जागे रहें? बिना सोए पढ़ाई करने के टिप्स!

क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप अभी अभी पढ़ने बैठे हैं, पूरी तैयारी के साथ और आधा घंटा भी नहीं हुआ कि आपको आलस आ रहा है, आपकी पलकें भारी हो रही हैं, और आप बस सो जाना चाहते हो, जबकि आपको पढ़ाई करनी चाहिए।Don't worry इसमें सिर्फ आप ही नहीं हैं, बहुत से लोगों को ऐसा ही होता है।पर ऐसा क्या करें कि पढ़ते वक्त नींद न आए और पढ़ाई पूरी हो जाए?आज के वीडियो में हम ऐसे 5 tips बताएंगे जिसे follow कर के आपको पढ़ते समय नींद नहीं आएगी। आइए start करते हैं:अच्छे से नींद पूरी करें: आप सोच रहे होंगे यहां नींद भगाने की बात हो रही है, और मैं सोने को बोल रही हूँ।वो इसलिए क्योंकि जब आप नींद अच्छे से नहीं लेते तो आपका focus, concentration, और memory weak होने लगती है। तो रोज़ का एक sleep time बनाएँ और कम से कम 6 घंटे की नींद लीजिए। और ध्यान रहे कि आप रोज़ एक समय पे सोने जाएँ, जैसे रोज़ रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक।अच्छी Light में पढ़ाई करें: अगर आप light on कर के और light वाले room में पढ़ाई करते हैं तो आपका brain active रहता है और नींद नहीं आती। लेकिन अगर आप dim light में पढ़ाई करते हैं तो body में melatonin produce होने लगता है जिससे आपको नींद आने लगती है।Bed पे पढ़ाई न करें: वो इसलिए क्योंकि आपके bed पर आपकी body comfortable होने लगती है, और आप सुस्त होने लगते हैं, जिससे आपका focus पढ़ाई से हट कर नींद पे चला जाता है, और आप सो जाते हैं।पानी पीते रहें और हल्का खाना खाएँ: Time to time पानी पीने से आपके brain तक oxygen supply बनी रहती है और आपको नींद नहीं आती, और आपका focus बना रहता है। साथ ही light foods जैसे fruits, dry fruits खाने से आपके brain और body में energy बनी रहती है जिससे आपका brain active रहता है।Chewing gum: Chewing gum चबाने से आपके brain का वो हिस्सा active रहता है जिसमें memory store होती है, जिसे hippocampus कहते हैं। इससे आपका brain alert रहता है और आपको नींद नहीं आती।इसके साथ ही, पढ़ाई के बीच में थोड़ा चलना-फिरना भी याद रखें। Example के लिए, हर 1 घंटे की बैठने के बाद 10-15 मिनट की वॉक करें। इससे आपके शरीर और दिमाग में खून का संचार बेहतर होता है, जिससे आप एक्टिव और जागे रहते हैं।Source:- 1.https://www.researchgate.net/publication/339137655_How_To_Avoid_Sleep_While_Studying 2. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4075951/

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