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कैसे रखें दिवाली को हेल्दी और सेहतमंद? जानिए टिप्स!

Happy Diwali to all of you.हम सभी पूरे साल Diwali का wait करते हैं ताकि हम सब मिलकर अपने घर सजाएं और धून - धान से अपनों के साथ Diwali मनाएं। पर आज हम बात करेंगे कुछ common mistakes की जो हम सभी करते हैं Diwali के time में। और ये सब डाल सकती हैं हमारी health पर बुरा असर।But, you need not worry when Medwiki is here. We will help you enjoy Diwali without any concerns.Please watch अगर आप भी कर रहे हैं इनमें से कुछ common mistakes; और जानें क्या कर सकते हैं हमें help.क्या आप भी naked eyes se firecrackers burn करते हो ?Firecrackers 2,000 degree celsius तक के तापमान पर जाते हैं, जो हमारी eyes को बहुत नुक्सान पहुंचना सकता है। इसलिए अपने safety glasses पहनना ना भूलेंक्या आप Diwali के time, party करना बहुत पसंद करते हैं ?Diwali के समय में firecrackers और loud music से होने वाला शोर 125 decibels से भी अधिक हो जाता है। जबकि 85 decibels को safe hearing limit माना जाता है इसलिए party तो जरूर करिये पर ऐसी किसी भी जगह जहाँ loud music या firecrackers का शोर हो, वहां अपने earplugs पहनना न भूलें।Diwali में घर पर सब मीठा और टाला भुना खाना बनता है?तो इस Diwali focus रखिये उन foods पर जो हैं आपकी gut health के लिए अच्छे। Choose your best, मिठाई की जगह dry fruits उठायें और घर पर भी non fried foods बनायें। ध्यान रखिये ये foods ज्यादा अच्छे से digest होते हैं और health को बूिल्कुल negatively impact नहीं करतेParties में drinks या cold drinks पीना पसंद करते हैं ?क्यों ना इस बार हम coconut water, fresh fruit juices and herbal teas जैसे healthy options choose करें क्युकी soda से काफी acidity होती है।और air pollution तो हम सभी जानते हैं इस समय किस level पे होता है, इसलिए घर से बाहर निकलते समय face mask जरूर लगाएं। अपने lungs को pollution के harm से बचाएं।Keep in mind, A healthy Diwali is a happy Diwali. Medwiki once again wishes you all a very Happy Diwali.

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Adults और बच्चों में Viral बुखार के लक्षण?

हमारी body का normal temperature 98.6 degree Fahrenheit होता है। Viral fever में body का temperature normal से अधिक होता है जो कि virus के कारण हो सकता है। हर बार जब कोई virus आता है, तो यह जरूरी नहीं है कि हम बुखार का अनुभव करें, लेकिन बुखार का अनुभव होना इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर infection से लड़ने की कोशिश कर रहा है। Actually बुखार में शरीर का temperature बढ़ जाता है जिससे infections ख़तम होने लगते हैं और वह multiply नहीं हो पाते।बच्चों में बुखार का पता इन temperatures से लगाया जा सकता है:Rectal, Ear और forehead पर: 100.4 degree fahrenheit से अधिक।Oral: 100 degree fahrenheit से अधिक।Armpit पर: 99 degree fahrenheit से अधिक।Viral fever के लक्षण:बुखार होने पर, व्यक्ति को इन लक्षणों का अनुभव हो सकता है:कंपकंपी या ठंड लगनापसीना आनाभूख कम लगनाDehydrationदर्द के प्रति sensitivityEnergy में कमीconcentration में कठिनाईछोटे बच्चों को जब बुखार होता है:वह छूने में गरम लगते हैंउनके गाल फीके से पड़ जाते हैंउन्हें बहुत पसीना आता हैतेज़ बुखार के मामले में व्यक्ति चिड़चिड़ा और उलझा हुआ सा हो जाता है और उसे दौरे पड़ सकते हैं।Source:-https://www.medicalnewstoday.com/articles/168266?formCode=MG0AV3#_noHeaderPrefixedContent

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Hypersomnia: दिन में अत्यधिक नींद आने के पीछे के कारण और क्या करें?

Excessive sleepiness, जिसे अक्सर hypersomnia के रूप में जाना जाता है, आपके दैनिक जीवन को काफी प्रभावित कर सकता है। हम इसके बारे में अक्सर बात करते हैं और बेहतर नींद के लिए सलाह देते हैं, जैसे कि सोने से पहले किताब पढ़ना और रात में वीडियो नहीं देखना। लेकिन यह हमेशा इतना आसान नहीं होता, यह कुछ serious health conditions का लक्षण भी हो सकता है।Excessive sleepiness के कुछ सामान्य कारणESD के कारणों को तीन अलग-अलग भागों में बांटा जा सकता है:चिकित्सा कारक (Medical Factors):Sleep Apnea: नींद के दौरान बार-बार सांस रुकना और शुरू होना। यह अच्छे से सोने में परेशानी पैदा करता है।Narcolepsy: अचानक नींद लाने और दिन में ज्यादा नींद लाने वाली एक neurological condition।नींद में पैर हिलाने की आदत: एक neurological condition जिसमें व्यक्ति को सोते सोते पैरों को हिलाने की इच्छा होती है। यह अच्छे से सोने में परेशानी पैदा करता है।Depression: एक mental health condition जिसकी वजह से बहुत थकान महसूस होती है और रात में अच्छी नींद आने में कठिनाई होती है, और पूरे दिन नींद आती रहती है।जीवनशैली कारक (Lifestyle Factors):अपर्याप्त नींद: शरीर की आवश्यकता से कम नींद लेने से दिन के समय में बहुत ज्यादा नींद आ सकती है।सही से ना सोना: अनियमित नींद का समय, शोर या नींद का सही वातावरण ना होने से नींद की समस्याएं होती हैं।दवाएं: कुछ दवाएं, जैसे antidepressants, antihistamine, और pain relievers भी नींद का कारण बनते हैं।शराब और ड्रग्स: शराब और ड्रग्स नींद के pattern में बाधा डालते हैं।अन्य कारक (Other Factors):Genes : कुछ लोगों के genes ही नींद अच्छे से ना आने का कारण होते हैं।Shift work: अनियमित job timings, शरीर के natural sleep cycle को बाधित कर सकते हैं।यदि आप Excessive sleepiness का अनुभव कर रहे हैं, तो doctor से consult करना महत्वपूर्ण है जिससे आपकी अपनी परेशानी का सही कारण पता लग पाए और उसके हिसाब से treatment भी हो पाए।Source:-1. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK19961/#:~:text=The main symptom of sleep,Dinges et al.%2C 2005) 2. https://hms.harvard.edu/news/sleepless-genes#:~:text=Insomnia affects around 10 to,risk of insomnia is inherited.

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क्या आपको दिन में बहुत नींद आती है? जानिए इसके नुकसान!

क्या आपको भी दिन भरनींद आती रहती है, चाहे आप कितना भी सो लें?हो सकता है आप Excessive Daytime Sleepiness या EDS से जूझ रहे हों। Excessive Daytime Sleepiness दुनिया की 20% आबादी को प्रभावित करती है। लेकिन इसका diagnosis कम ही हो पाता है और इसलिए इसे कम support मिलता है और ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता। लेकिन actually ये काफी खतरनाक हो सकती है।Excessive Daytime Sleepiness के दुष्प्रभाव: क्या बहुत अधिक नींद भी हानिकारक हो सकती है?Excessive daytime sleepiness, शारीरिक और मानसिक दोनों से रिलेटेड बीमारियों से जुड़ा है, जैसे:रोज़ के काम- काज करने में परेशानीEDS से जूझ रहे लोगों को अपने रोज़ के काम पूरे करने में भी मुश्किल होती है, जिससे उन्हें अपनी रोज़ की दिनचर्या से ही परेशानी होने लगती है।पढ़ाई पर गलत प्रभाव पड़ता हैEDS बच्चों के लिए बहुत ही खतरनाक है। इसकी वजह से बच्चे पढ़ाई पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते और धीरे धीरे उनके grades कम होने लगते हैं।ध्यान कम लगना:Excessive daytime sleepiness की वजह से दिमाग actively काम नहीं करता जिसकी वजह से attention span में कमी आती है और quality of life धीरे धीरे खराब होने लगती है।लोगों से मिलने जुलने में कमीExcessive daytime sleepiness वाले लोगों का ज्यादातर समय सोने में ही निकल जाता है और इसकी वजह से लोगों से मिलना जुलना नहीं कर पाते। जिसकी वजह से धीरे धीरे वो अपने आप को एकदम अकेला महसूस करने लगते हैं।Depression और anxiety जैसी Psychological conditions:दिन भर नींद आते रहने से, दिन भर का काम अच्छे से नहीं हो पाते, पढ़ाई में grades अच्छे नहीं आते, और व्यक्ति अकेला सा महसूस करता है जिसकी वजह से वो धीरे धीरे Depression और anxiety की तरफ जाने लगता है।मोटर वाहन दुर्घटनाएं और मृत्यु:Excessive daytime sleepiness की वजह से लोगों को गाडी चलाते समय भी नींद आ सकती है जिसकी वजह से सड़क दुर्घटनाएं हो सकती हैं।Excessive daytime sleepiness किसी के जीवन के लिए एक वास्तविक खतरा हो सकता है।Source:- https://www.mayoclinicproceedings.org/article/S0025-6196(20)30984-8/fulltext

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Belly Fat से जुडी बीमारियां और उससे निपटने के नुस्खे!

Belly fat (पेट की चर्बी) को कम करना आज लगभग हर किसी के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। इस वीडियो में हम पेट की चर्बी कम करने के कुछ आसान तरीके बताएंगे जो middle age में, delivery के बाद और सी-सेक्शन के बाद भी पेट की चर्बी कम करने में फायदेमंद हो सकते हैं।पेट की चर्बी कम करना क्यों महत्वपूर्ण हैYoung aged women (युवा वयस्कों) में, पेट की चर्बी पुरुषों की तुलना में कम होती है। Menopause के साथ इसमें बदलाव आता है। Middle aged women (ध्यम आयु वर्ग की महिलाओं) में, fat (वसा) शरीर के ऊपरी हिस्से में अधिक जमा होती है: hips और thighs के ऊपर। हो सकता है कि आपको अपना वजन बढ़ता हुआ न दिखे, लेकिन आपकी कमर के इंच माप में बढ़ रही है।पेट की चर्बी कुछ बीमारियों का कारण बन सकती है जैसे:हृदय रोगडिमेंशियाअस्थमास्तन कैंसरकोलोरेक्टल कैंसरपेट की चर्बी कम करने के सरल उपाय:आप अपना birth weight या अपने genes नहीं बदल सकते और आप menopause को भी नहीं रोक सकते। लेकिन फिर भी ऐसे कई तरीके हैं जिनसे पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है। अच्छी खबर यह है कि आहार और व्यायाम दोनों परिवर्तनीय कारक बहुत अच्छी तरह से प्रतिक्रिया करते हैं क्योंकि hips और thighs पर fat की तुलना में पेट का fat अधिक आसानी से फैटी एसिड में metabolize हो जाता है।महिलाएं पेट कम करने के लिए ये 5 उपाय अपनी दिनचर्या में शामिल करें:1. व्यायाम: व्यायाम आपकी कमर के circumference को कम करने में मदद करता है। भले ही आपका वजन कम न हो, पेट की चर्बी कम हो जाती है और मांसपेशियां बढ़ जाती हैं। सामान्य गति से कम से कम 30 मिनट का व्यायाम रोज करें, जैसे तेज चलना या साइकिल चलाना। कुछ तरीके जिनसे आप रोजाना में ही गतिशीलता जोड़ सकते हैं जैसे अपने वाहन को गंतव्य से दूर पार्क करें और बाकी रास्ते पैदल चलें, लिफ्ट के बजाय सीढ़ियाँ लें, और खड़े होकर/चलकर फोन पर बात करें।2. संतुलित आहार: हमेशा संतुलित आहार को प्राथमिकता दें जो आपको स्वस्थ वजन हासिल करने में मदद करता है। फलों और सब्जियों, दालों, मेवों और बीजों के सेवन पर अधिक ध्यान दें। ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें जो पेट की चर्बी जमा होने को बढ़ावा देते हैं, विशेष रूप से अतिरिक्त चीनी वाले खाद्य एवं पेय पदार्थ।3. धूम्रपान न करें: धूम्रपान आपके पेट में वसा जमा करने के लिए जिम्मेदार है। धूम्रपान ना करें।4. जितनी जरूरत हो उतना ही सोएं: 5 घंटे से कम या 8 घंटे से ज्यादा सोना, दोनों ही पेट की चर्बी जमा होने के लिए जिम्मेदार हैं। पेट की चर्बी कम करने के लिए लगभग 6 से 8 घंटे की नींद लें।Cosmetic (कॉस्मेटिक) वसा हटाने के लिए liposuction (लिपोसक्शन) पेट के अंदर तक नहीं पहुंचता है। इन सब इलाजों से बचें और अपने नियम में थड़ा सा बदलाव लाकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।क्या अब पेट की चर्बी को कम करना आसान लग रहा है? कोई दवा नहीं - कोई सर्जरी नहीं।Source:-1. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/24635424/ 2. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/17384661/

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अच्छी नींद के 7 आसान Tips | Improve Your Sleep Naturally for Better Health!

अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छे से सोना बहुत जरूरी है, इस बात में कुछ भी नया नहीं है लेकिन, आज के lifestyle में लोगों को आराम और नींद के लिए मुश्किल से ही समय मिल पाता है।अच्छी diet और exercise जितना हमारे लिए जरूरी है, उतनी ही जरूरी है अच्छी नींद। यह brain performance, mood और health सभी के लिए महत्वपूर्ण है।नींद अच्छे से पूरी न होने से heart diseases, stroke, obesity और dementia जैसी बहुत सी बीमीरियों का ख़तरा बढ़ जाता है।नींद हमारे लिए repairing mechanism के रूप में भी काम करती है।अच्छी नींद लाने के लिए 7 उपाय (Tips):ऐसे तो सोना रोज़ का सा काम लगता है, लेकिन कभी-कभी हमें अच्छे से सोने के लिए मदद की ज़रूरत पड़ती है और ये 7 tips आपको अच्छे से सोने में मदद कर सकती हैं:1. रोजाना exercise करें: रोजाना exercise करने या brisk walk करने न केवल वजन कम करने में मदद मिलती है, बल्कि इससे अच्छी नींद भी आती है। यह हमारे अंदर melatonin hormone को बढ़ाने में मदद करता है जिससे अच्छी नींद आती है।2. Bed को केवल सोने के लिए ही reserved रखें: एक बार जब आप बिस्तर पर आ जाएँ, तो उसके बाद phone calls, texting, emails का जवाब, reels, TV aur youtube videos से बचें। बिस्तर पर आने के बाद केवल आराम करें और सोने पर ध्यान दें।3. Room का environment आरामदायक बनायें: अपने कमरे में जितना हो सके आरामदायक वातावरण बनाने का प्रयास करें। कमरे का वातावरण एकदम शांत, अंधेर और ठंडा होना चाहिए। याद रखें सोते समय TV और अपना smartphone कमरे में न रखें; ये बहुत ही बड़े distractions हैं।4. अपने सोने का एक ritual बनायें: जैसे जब हम बच्चे थे तो एक लोरी हमें रोज़ाना सोने में मदद करती थी, वैसे ही रोज़ाना का एक सामान ritual, adults को भी सोने में मदद कर सकता है। चाहे वह गर्म दूध पीना हो, किताब पढ़ना हो या शांत संगीत सुनना हो, ये गतिविधियां आपके शरीर को संकेत देते हैं कि यह सोने का समय है। इसके अलावा, हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। इससे आपके शरीर को सोने के लिए एक healthy pattern मिलने में मदद मिलती है।5. सोने से पहले सोच समझ के खाएं: सोने से पहले भूखे रहना या बहुत अधिक पेट भरा हुआ होना, दोनों ही आपको सोने के समय परेशान कर सकते हैं। सोने से दो-तीन घंटे पहले बहुत ज्यादा खाना ना खाएं। यदि आपको सोने से पहले भूख लग रही है, तो कुछ थोड़ा सा healthy snack खाएं जो सुबह तक के लिए आपकी भूख शांत कर दे।6. शराब और कैफीन से बचें: सोने से पहले wine पीने और chocolate खाने से बचें। इनमें caffiene की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे आपको थोड़ी नींद आती है, लेकिन यह वास्तव में रात में नींद को disrupt करता है।7. तनाव मुक्त रहें: तनाव से ऐसे hormones release होते हैं जो नींद के खिलाफ काम करते हैं। सोने से पहले खुद को शांत होने के लिए समय दें। Deep breathing जैसे कुछ relaxation techniques का उपयोग करें, जो अच्छी नींद को बढ़ावा दे सकते हैं और दिन के समय में भी चिंता को कम करने में मदद कर सकते हैं।अपनी नींद में सुधार के लिए इन आसान lifestyle changes को आजमाएं। लेकिन अगर आप खर्राटे लेने, छाती या गले में जलन, या रात में बेचैनी जैसे लक्षणों से जूझते हैं, तो आपको sleep apnea या GERD जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ये नींद को disrupt कर सकते हैं और दिन भर में आपको थकान महसूस करवा सकते हैं। ऐसे मामलों में, सही diagnosis और treatment के लिए doctor से consult करना जरूरी है।Source:- 1. https://www.health.harvard.edu/newsletter_article/8-secrets-to-a-good-nights-sleep 2. https://www.nhlbi.nih.gov/files/docs/public/sleep/healthy_sleep.pdf

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साइकिल चलाने के 5 फायदे!

आज हम बात करेंगे cycling के health benefits के बारे में। क्या आपने जाना है कि सिर्फ cycling करने से heart diseases होने का खतरा 50% तक कम हो जाता है? और भी बहुत सारे health benefits हैं cycling करने के। आइए शुरू करते हैं:साइकिल चलाने के 5 फायदे: रोजाना साइकिल (Cycling) चलाने के स्वास्थ्य लाभ!Heart Health को सपोर्ट करता है: Cycling करने से body को ज्यादा oxygen की ज़रूरत होती है, जिसके कारण heart को ज्यादा blood pump करना पड़ता है। ऐसा करने से heart के muscles मजबूत होते हैं और साथ ही blood circulation भी अच्छा रहता है, जो overall heart health के लिए बहुत अच्छा होता है। यानी heart से संबंधित समस्याएँ जैसे stroke, high blood pressure आदि के chances कम हो जाते हैं।Weight Loss: सिर्फ एक घंटे cycling करने से करीब 600 calories burn हो सकती हैं। Cycling करते वक्त body को energy चाहिए होती है, जो calories burn करने से मिलती है, और साथ ही body fat भी कम होने लगता है, जिससे weight loss में मदद मिलती है।Mood Improve करता है: Cycling करने से body में endorphins यानी feel-good hormones release होते हैं, और stress hormone भी कम होता है, जिससे stress कम होता है और mental health भी अच्छा रहता है।Muscles को मजबूत करता है: Cycling करने से पैरों के सारे muscles, चाहे वो thigh हों या calf muscles, सब मजबूत होने लगते हैं, इनकी flexibility बढ़ती है और इनमें मौजूद fats भी कम होने लगते हैं, जिससे पैर toned दिखते हैं।Joint Health के लिए अच्छा है: Cycling करने से joints पर उतना असर नहीं पड़ता जितना running करने से होता है, जिसके कारण ये घुटनों और कमर की movement को smooth करता है। और जिन लोगों को joint की दिक्कत होती है, वो भी cycling आसानी से कर सकते हैं।तो आप किसका इंतज़ार कर रहे हैं? आज ही cycling शुरू कीजिए, और healthy body और mind के साथ अपने body को भी shape में रखिए।Source:- 1. https://www.health.harvard.edu/blog/biking-and-sex-avoid-the-vicious-cycle-201209145290 2. https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/cycling-health-benefits

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पानी के अलावा 10 हेल्‍दी ड्रिंक्‍स आपकी बॉडी को रखेंगी हाइड्रेटिड!

पहले के समय में पानी ही सबसे ताज़ा और शुद्ध तरल पदार्थों में से एक था। लाखों वर्षों तक मनुष्य सिर्फ पानी पर ही निर्भर रहा।फिर धीरे-धीरे दूध, बीयर, वाइन, कॉफी, चाय आदि जैसे अन्य विकल्प आए और हमने समय के अनुसार इनमें से विकल्प चुनना शुरू कर दिया। आज के समय में हम अपना विकल्प उस हिसाब से जानते हैं कि हम कहां और किन के साथ बैठे हैं और यहीं पर हममें एक बड़ा बदलाव आया कि हम अपने और अपने बच्चों के लिए भी समझदारी से healthy fluids चुनने में असमर्थ हो गए।अगर बहुत सारे fluids पीने की सलाह दी जाती है, तो क्या ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कोई भी fluids पीना ठीक है?बिलकुल “नहीं”।आइए कुछ healthy drink options पर बात करें जो हम भी पी सकते हैं और अपने बच्चों को भी दे सकते हैं:1. नारियल पानी: नारियल पानी प्यास बुझाने के लिए nutritious और healthy fluids में से एक है। यह चीनी, प्रोटीन, amino acid, vitamin, minerals और कुछ growth को बढ़ावा देने वाले कारक प्रदान करता है।ताजे फलों का रस: ताजे फलों का रस निश्चित रूप से एक बहुत ही स्वस्थ विकल्प है। Researches से साबित हुआ है कि जूस से विटामिन, minerals और bio-active compounds शरीर में आसानी से absorb हो जाते हैं। इसलिए, यह अच्छा पोषण देते हैं। यह भी साबित हो चुका है कि रोजाना फलों का जूस पीने का मोटापे या डायबिटीज से कोई लेना-देना नहीं है।Green Tea: Green Tea में polyphenols होते हैं, जिसमें flavanols, flavonoids और phenolic acid शामिल होते हैं। इसके सेवन से कई प्रकार के कैंसर को रोकने में मदद मिलती है, जिसमें फेफड़े, esophagus, मुंह, pancreas आदि के कैंसर शामिल हैं।4. नींबू पानी: नींबू citric acid, vitamin C और polyphenols का एक समृद्ध स्रोत है जो कुछ स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है जैसे थकान से राहत, anti-aging प्रभाव और हृदय रोगों और कुछ कैंसर के खतरे को कम करता है।5. दूध: दूध और डेयरी उत्पाद कैल्शियम, प्रोटीन और कुछ विटामिन और minerals से भरपूर होते हैं और हृदय रोगों, मधुमेह जैसी कुछ पुरानी बीमारियों से भी बचाते हैं और bone density में भी सुधार करते हैं।घर पर बनी smoothie: घर पर बनी smoothie को फलों, सब्जियों, हरी सब्जियों और मेवों को मिलाकर बनाया जा सकता है। वे पोषक तत्वों से भरपूर हैं और काफी तृप्ति देती हैं।Hot - Chocolate: बिना चीनी मिलाई गई hot chocolate एक healthy drink हो सकती है। Cocoa मूड को अच्छा बनाता है और diabetes के खतरे को भी कम करता है।सोया दूध या बादाम दूध: शाकाहारी लोगों के लिए यह एक बढ़िया विकल्प है। यह fiber और प्रोटीन से भरपूर है और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है जिससे हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है।Black Coffee: अगर कम मात्रा में लिया जाए तो black coffee भी एक healthy drink है। यह कई पुरानी बीमारियों के खतरे को कम करता है।Kombucha: Kombucha एक fermented drink है और fermentation bioactive compounds, विटामिन बी, विटामिन सी और कुछ आवश्यक minerals जैसे iron, Magnesium, zinc आदि की मात्रा को बढ़ाने में मदद करता है।सोडा, एनर्जी ड्रिंक और स्पोर्ट्स ड्रिंक जैसे मीठे drinks से बचना सुनिश्चित करें जो अनावश्यक कैलोरी देते हैं देते हैं और कोई पोषण प्रदान नहीं करते हैं।Source:-1 .https://www.researchgate.net/publication/353603073_An_Overview_on_Coconut_Water_As_A_Multipurpose_Nutrition 2. https://www.researchgate.net/publication/353603073_An_Overview_on_Coconut_Water_As_A_Multipurpose_Nutrition

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Drx. Salony Priya

MBA (Pharmaceutical Management)