Infertility, males और females दोनों को प्रभावित करता है, जिसके अलग अलग कारण होते हैं जैसे उम्र, lifestyle factors और कुछ medical conditions. आइए आज male infertility से संबंधित कुछ facts पर बात करते हैं।एक male के लिए अपने partner को pregnant होने में मदद करने के लिए, कुछ चीजें महत्वपूर्ण होती हैं, जैसेHealthy sperms का production: यह बहुत ज़रूरी है कि puberty के समय ही male के reproductive organs सही से बन जाएँ। उनका कम से कम एक testicle सही ढंग से काम करना चाहिए, और sperm production को maintain करने के लिए ज़रूरी है की body में testesterone और बाकी सभी hormones का production बना रहे। 2. Sperms का semen में जाना: एक बार जब sperms testicles में बन जाते हैं, तो कुछ tubes की मदद से वह semen में मिल जाते हैं, जो कि फिर penis से बाहर ejaculate हो जाते हैं। 3. Semen में पर्याप्त sperms का होना: यदि आपके semen में sperms की संख्या कम है, तो इस बात की संभावना कम हो जाती है कि आपका एक भी sperm आपके partner के egg को fertilize करेगा।एक milliliter semen में अगर 15 million से काम स्पेर्म्स होते हैं तो उसे कम sperm count माना जाता है। 4. Sperms का functional होना: यदि आपके sperms का movement सामान्य नहीं है, तो sperms आपके partner के egg तक पहुंचने और उसे fertilize करने में सक्षम नहीं हो सकता है।याद रखें, यदि इनमें से कोई भी step पर कोई issue होता है, तो यह पुरुष की fertility को गलत तरह से प्रभावित कर सकता है।Infertility का इलाज़ possible है। यदि आप और आपका partner pregnant होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें, treatment options का पता लगाएं, और अपनी parents बनने की संभावना बढ़ाएं।Source:-https://www.nichd.nih.gov/health/topics/infertility/conditioninfo/causes/causes-female
प्रजनन स्वास्थ्य हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, लेकिन इसके बारे में खुलकर बात करना आज भी कई लोगों के लिए आसान नहीं होता। खासकर गर्भनिरोधक को लेकर जानकारी अक्सर अधूरी, भ्रमित करने वाली या डर पैदा करने वाली होती है। बहुत से लोग यह जानते हैं कि गर्भधारण को रोका जा सकता है, लेकिन यह नहीं समझ पाते कि अलग अलग विकल्प शरीर में वास्तव में क्या करते हैं और उनका असर कितना गहरा या हल्का हो सकता है। जब सही जानकारी नहीं होती, तो फैसला लेना मुश्किल हो जाता है।कई बार लोग अपने अनुभवों, दोस्तों की सलाह या इंटरनेट पर पढ़ी आधी अधूरी बातों के आधार पर गर्भनिरोधक अपनाते हैं। इससे अनावश्यक डर, गलत उम्मीदें और कभी कभी स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियाँ भी पैदा हो सकती हैं। इसलिए गर्भनिरोधक को केवल एक उपाय की तरह नहीं, बल्कि शरीर और जीवन की ज़रूरतों के अनुसार समझना ज़रूरी है।गर्भनिरोधक तरीकों को समझने की शुरुआत इस बात से होती है कि हमारा शरीर हर समय बदलता रहता है। हार्मोन का स्तर, तनाव, नींद, खानपान और मानसिक स्थिति लगातार प्रजनन प्रणाली को प्रभावित करते हैं। इसी वजह सेगर्भनिरोधक का कोई एक तरीका सबके लिए सही नहीं हो सकता। सही जानकारी व्यक्ति को अपने शरीर के साथ तालमेल बैठाने में मदद करती है और निर्णय को सहज बनाती है।गर्भनिरोधक का वास्तविक अर्थगर्भनिरोधक वह तरीका होता है जिसका उद्देश्य गर्भावस्था को रोकना या टालना होता है। ये तरीके अलग अलग स्तर पर काम करते हैं। कुछअंडोत्सर्जन को रोकते हैं ताकि अंडाणु बन ही न पाए। कुछ शुक्राणुओं को अंडाणु तक पहुँचने से पहले ही रोक देते हैं। कुछ तरीके गर्भाशय की परत को इस तरह प्रभावित करते हैं कि गर्भ ठहरने की संभावना कम हो जाए।अक्सर लोग गर्भनिरोधक को सिर्फ़ अनचाही गर्भावस्था से जोड़ते हैं, जबकि इसका दायरा इससे कहीं बड़ा है। कई लोगों के लिए यह माहवारी को नियमित करने, दर्द कम करने और हार्मोनल असंतुलन को संभालने का माध्यम भी होता है। इसलिएगर्भनिरोधक तरीकों को केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा निर्णय समझना ज़रूरी है।लोग गर्भनिरोधक तरीके क्यों अपनाते हैंगर्भनिरोधक अपनाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं और हर कारण अपनी जगह सही होता है।गर्भावस्था की योजना और जीवन की प्राथमिकताएँआज के समय में बहुत से लोग अपने करियर, पढ़ाई और व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता देना चाहते हैं। ऐसे मेंअनियोजित गर्भावस्था जीवन की योजनाओं को अचानक बदल सकती है।जन्म नियंत्रण व्यक्ति को यह आज़ादी देता है कि वह कब माता पिता बनना चाहता है।कई दंपति बच्चों के बीच पर्याप्त अंतर रखना चाहते हैं ताकि शरीर पूरी तरह स्वस्थ हो सके। डॉक्टर भी अक्सर सलाह देते हैं कि एक गर्भावस्था के बाद शरीर को आराम और रिकवरी का समय मिलना चाहिए। इस स्थिति में गर्भनिरोधक शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए सहायक बनता है।स्वास्थ्य से जुड़े कारणगर्भनिरोधक केवल गर्भ रोकने के लिए ही नहीं अपनाया जाता। कई बार यह चिकित्सा उपचार का हिस्सा भी होता है। हार्मोनलजन्म नियंत्रण तरीके अनियमित माहवारी, अत्यधिक रक्तस्राव और तेज़ दर्द को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।पीसीओएस, एंडोमेट्रियोसिस और हार्मोनल असंतुलन जैसी स्थितियों में डॉक्टर अक्सर हार्मोनल गर्भनिरोधक की सलाह देते हैं। ऐसे मामलों में गर्भनिरोधक जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में भूमिका निभाता है।गर्भनिरोधक तरीकों को विस्तार से समझनाजब लोगगर्भनिरोधक तरीकों के बारे में सोचते हैं, तो ज़्यादातर ध्यान गोलियों या कंडोम पर ही जाता है। जबकि वास्तव में गर्भनिरोधक को कई श्रेणियों में बाँटा जा सकता है।बाधा आधारित गर्भनिरोधक तरीकेबाधा आधारित तरीके शुक्राणुओं और अंडाणु के बीच संपर्क को शारीरिक रूप से रोकते हैं। कंडोम इसका सबसे आम उदाहरण है। यह हार्मोन को प्रभावित नहीं करता और आसानी से उपलब्ध होता है।इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह यौन संचारित संक्रमणों से भी सुरक्षा देता है। हालांकि इसकी सफलता सही उपयोग पर निर्भर करती है। हर बार सही तरीके से इस्तेमाल न होने पर इसका प्रभाव कम हो सकता है।जो लोग हार्मोनल बदलाव नहीं चाहते या अस्थायी विकल्प चाहते हैं, उनके लिए यह तरीका उपयुक्त हो सकता है।हार्मोनल गर्भनिरोधक तरीकेहार्मोनलगर्भनिरोधक तरीके शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के स्तर को नियंत्रित करते हैं। इससे अंडोत्सर्जन रुक सकता है या गर्भाशय की परत पतली हो जाती है।गर्भनिरोधक गोलियाँ सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला विकल्प हैं। इन्हें रोज़ाना एक ही समय पर लेना होता है। कई लोगों को इससे माहवारी नियमित होने और दर्द कम होने का लाभ मिलता है।इसके अलावा इंजेक्शन, पैच और इम्प्लांट भी हार्मोनल विकल्प हैं। ये उन लोगों के लिए उपयोगी होते हैं जिन्हें रोज़ गोली लेना कठिन लगता है।शुरुआती महीनों में शरीर को इन हार्मोन के साथ तालमेल बैठाने में समय लग सकता है, इसलिए कुछ दुष्प्रभाव दिख सकते हैं।लंबे समय तक असर करने वाले जन्म नियंत्रण तरीकेलंबे समय तक असर करने वालेजन्म नियंत्रण तरीके उन लोगों के लिए होते हैं जो लंबे समय तक चिंता मुक्त रहना चाहते हैं। इनमें गर्भाशय में लगाए जाने वाले उपकरण शामिल होते हैं।कुछ उपकरण हार्मोन छोड़ते हैं और कुछ बिना हार्मोन के काम करते हैं। ये कई वर्षों तक प्रभावी रहते हैं और इनकी सफलता दर काफी अधिक होती है।हालांकि इन्हें लगवाने और हटवाने की प्रक्रिया डॉक्टर द्वारा ही की जाती है और शुरुआत में थोड़ी असहजता हो सकती है।प्राकृतिक गर्भनिरोधक तरीकों की विस्तृत जानकारीप्राकृतिक गर्भनिरोधक तरीके शरीर की प्राकृतिक प्रजनन प्रक्रिया को समझने पर आधारित होते हैं। इनमें माहवारी चक्र को ट्रैक करना, ओव्यूलेशन के संकेत पहचानना और उस समय संबंध से बचना शामिल होता है।विथड्रॉवल विधि भी एक प्राकृतिक तरीका है, लेकिन इसमें असफलता की संभावना अधिक होती है। स्तनपान से जुड़ा गर्भनिरोधक भी कुछ समय तक प्रभावी हो सकता है, लेकिन इसके लिए विशेष शर्तें होती हैं।ये तरीके उन लोगों के लिए बेहतर होते हैं जो हार्मोन या उपकरण से बचना चाहते हैं, लेकिन इनमें अनुशासन और सटीकता बेहद ज़रूरी होती है।आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियाँआपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियाँ आकस्मिक स्थितियों के लिए बनाई गई होती हैं। ये असुरक्षित संबंध या गर्भनिरोधक की विफलता के बाद ली जाती हैं।ये गोलियाँ जितनी जल्दी ली जाएँ, उतनी अधिक प्रभावी होती हैं। इनमें हार्मोन की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इन्हें बार बार इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।गर्भनिरोधक गोलियाँ और उनके दुष्प्रभावभारत मेंजन्म नियंत्रण गोलियाँ व्यापक रूप से उपयोग की जाती हैं। हालांकि इनके साथ कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।गर्भनिरोधक गोलियों के दुष्प्रभाव में मतली, सिरदर्द, मूड में बदलाव और हल्का वजन बढ़ना शामिल हो सकता है। अधिकतर मामलों में शरीर कुछ महीनों में इनका आदी हो जाता है।जन्म नियंत्रण गोलियों के लंबे समय तक दुष्प्रभाव को लेकर डर आम है, लेकिन शोध बताते हैं कि डॉक्टर की निगरानी में इनका उपयोग सुरक्षित होता है।सही गर्भनिरोधक तरीका कैसे चुनेंसहीगर्भनिरोधक तरीकों का चुनाव व्यक्तिगत निर्णय होता है। उम्र, स्वास्थ्य, जीवनशैली और भविष्य की योजनाएँ इसमें भूमिका निभाती हैं।डॉक्टर से खुलकर बात करना सही विकल्प चुनने में मदद करता है और अनावश्यक डर को दूर करता है।निष्कर्षगर्भनिरोधक तरीकों की सही जानकारी व्यक्ति को अपने शरीर और जीवन पर नियंत्रण का एहसास कराती है। चाहेप्राकृतिक गर्भनिरोधक तरीके हों या आधुनिक चिकित्सा विकल्प, हर तरीके का उद्देश्य व्यक्ति को सुरक्षित और संतुलित जीवन जीने में मदद करना है। जागरूकता और सही सलाह से लिया गया निर्णय लंबे समय तक स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्रदान करता है। विस्तृत जानकारी के लिएMedWiki देखें |अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न1.क्या गर्भनिरोधक तरीके लंबे समय तक उपयोग के लिए सुरक्षित हैं?हाँ, अधिकांश तरीके डॉक्टर की सलाह और नियमित जांच के साथ लंबे समय तक सुरक्षित हैं।2.क्या गर्भनिरोधक गोलियाँ स्थायी बांझपन का कारण बनती हैं?नहीं, गोलियाँ बंद करने के बाद प्रजनन क्षमता सामान्य रूप से लौट आती है।3.क्या प्राकृतिक गर्भनिरोधक तरीके भरोसेमंद हैं?कुछ दंपतियों के लिए काम कर सकते हैं, लेकिन सामान्यतः मेडिकल तरीकों की तुलना में कम भरोसेमंद होते हैं।4.क्या आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियाँ हानिकारक हैं?नहीं, कभी-कभार उपयोग के लिए सुरक्षित हैं, लेकिन नियमित उपयोग से चक्र प्रभावित हो सकता है।5.जन्म नियंत्रण गोलियों के सामान्य दुष्प्रभाव क्या हैं?सिरदर्द, मतली, मूड बदलना, स्तनों में संवेदनशीलता और मासिक चक्र में हल्का बदलाव।6.क्या भारत में जन्म नियंत्रण गोलियाँ लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है?हाँ, सही उपयोग और सुरक्षा के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।7.गर्भनिरोधक विकल्पों की समीक्षा कितनी बार करनी चाहिए?साल में एक बार या स्वास्थ्य/जीवनशैली में बदलाव आने पर।
Female infertility से related 4 facts:महिलाओं में infertility का सबसे आम कारणOvulate ना कर पाना, जो कि infertility से जूझ रही लगभग 40% महिलाओं में पाया जाता है। कुछ Ovarian या gynaecological conditions जैसे कि Primary Ovarian Insufficiency (POI) या Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) इस condition के लिए responsible होते हैं।Fallopian Tube या Uterus में abnormal tissues का होना। अगर Fallopian tube blocked हो तो egg oavries से uterus तक नहीं पहुँच पाता और sperms fertilization के लिए egg तक नहीं पहुंच पाते हैं। Uterus के मामले में, ये blockages implantation में बाधा डालती हैं और infertility का कारण बनती हैं।Polycystic Ovary Syndrome एक सबसे आम कारण है female infertility का। यह एक ऐसी condition है जिसमें महिला की ovaries सामान्य से ज़्यादा Androgens बनाती हैं जो कि ovarian follicles के development और ovulation के दौरान egg को release होने में बाधा डालते हैं जो कि infertility का कारण बनते हैं।Autoimmune disorders, जैसे कि lupus, Hashimoto's और कुछ प्रकार के thyroiditis, or rheumatoid arthritis,infertility की वजह बन सकते हैं। Autoimmune disorders की वजह से शरीर की immune system शरीर के normal tissues को attack करने लगता है। यह भी माना जाता है की ये uterus और placenta में सूजन पैदा करते हैं।Infertility का इलाज़ possible है। यदि आप और आपका partner pregnant होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें, treatment options का पता लगाएं, और अपनी parents बनने की संभावना बढ़ाएं।Source:- https://www.nichd.nih.gov/health/topics/infertility/conditioninfo/causes/causes-female
बहुत से लोगों को infertility का सामना करना पड़ता है। लेकिन देखा गया है कि इस situation से जुड़े बहुत से myths और misconceptions लोगों के दिमाग में रहते हैं।5 सबसे common myths और misconceptions पर आज चर्चा करते हैं।Myth 1: अगर आपका पहले एक बच्चा है तो आप infertile हो ही नहीं सकतेकई लोग मानते हैं कि एक बार जब कोई couple बच्चे को जन्म दे देता है, तो दूसरी बार उस couple को pregnant होने में कोई परेशानी हो ही नहीं सकती। यह एक myth है।Secondary Infertility, एक बार बच्चा पैदा करने के बाद, दोबारा pregnant होने में मुश्किल होना, एक आम समस्या है। Age, Lifestyle, Sexually transmitted disorders, abortions से जुडी समस्या, menstruation या delivery के समय पर unhygienic conditions जैसी कुछ चीज़ें secondary infertility का कारण बन सकते हैं।Myth 2: उम्र केवल महिलाओं की fertility पर असर डालती है, पुरुषों पर नहींआजकल के समय में लोग अक्सर देरी से माता-पिता बन रहे हैं, क्योंकि वह अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं, अपना करियर बनाना चाहते हैं या बस अपने जीवन का पहले अच्छे से आनंद लेना चाहते हैं।हम अक्सर बढ़ती उम्र के साथ एक महिला की infertility के बारे में बात करते हैं लेकिन यह समझ लेना बहुत ज़रूरी है कि एक पुरुष (male) की उम्र का भी एक महत्वपूर्ण role होता है। जैसे-जैसे पुरुष बढ़ते हैं, उनके sperms की quality और count दोनों में ही गिरावट आ सकती है। इससे pregnancy मुश्किल हो सकती है और बच्चे के लिए भी कुछ health conditions का खतरा बढ़ सकता है।Myth 3: हर दिन sex करने से pregnancy के chances बढ़ जाते हैहमारे बड़े बुजुर्गों का मानना है कि ज्यादा बार sex करने से pregnancy के chances बढ़ जाते हैं। हालांकि, यह पूरी तरह सच नहीं है। एक महिला के menstrual cycle के दौरान, "fertile window “ नाम का एक specific समय होती है। इस window में आम तौर पर ovulation से पहले के छह दिन और ovulation day शामिल होते हैं। Researches से पता चला है कि fertile window के दौरान sex करने से pregnancy के chances काफी बढ़ जाते है।समय के साथ साथ, sperms की health भी काफी महत्वपूर्ण role play करती है। बार-बार ejaculate करने से sperm count और concentration कम हो सकता है जो fertility को negatively impact करता है।Myth 4: Sex के बाद अपने पैरों को ऊपर करके लेटना या खड़े होने से बचना, pregnancy के chances में सुधार लाता हैकई महिलाओं का मानना है कि pregnant होने के लिए sex के तुरंत बाद उन्हें पैरों को ऊपर उठाकर लेट जाना चाहिए। उनका मानना है कि इस तरह से sperms शरीर के अंदर ही रहते हैं और उन्हें egg तक पहुंचने में मदद मिलती है। हालांकि, यह सच नहीं है। Sex के बाद चाहे महिला किसी भी स्थिति में हो, Sperms egg तक जल्दी ही पहुँच जाते है। Sperms कैसे travel करेंगे इसमें gravity का कोई role नहीं है। Healthy sperms अपने आप egg तक पहुंच जाता है। तो, sex के बाद लेटने से pregnancy के chances पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।Myth 5: लंबे समय तक Oral Contraceptives लेने से infertility हो सकती हैकई महिलाओं को यह चिंता होती है कि लंबे समय तक oral contraceptives लेने से बाद उन्हें pregnant होने में मुश्किल होगी। हालांकि यह सच है कि oral contraceptives की वजह से pregnancy को रोका जा सकता है ल्र्किन इनकी वजह से fertility पर कोई गलत असर नहीं पड़ता है। सच्चाई यह है कि ज्यादातर महिलायें oral contraceptives लेना बंद करने के तुरंत बाद ही pregnant हो सकती हैं।ज़रुरत पड़ने पर अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।Source: https://www.msjonline.org/index.php/ijrms/article/view/12149/7969
35 साल से कम उम्र की lady का एक साल तक कोशिश करने के बाद भी pregnant न हो पाना और 35 साल की उम्र के बाद छह महीने तक कोशिश करने के बाद भी pregnant ना हो पाने की स्तिथि को infertility कहा जाता है। इस situation में यह ज़रूरी हो जाता है कि डॉक्टर से consult किया जाए ताकि असली problem का solution निकाला जा सके।Ladies में infertility का कैसे पता किया जाता है?Infertility की जांच करने के लिए डॉक्टर ज़्यादातर checkups करते हैं।सबसे पहले doctors पति और पत्नी दोनों का physical checkup करते हैं और दोनों की health and sexual histories के बारे में बातचीत करते हैं। कभी-कभी, कारण जानने के लिए यही काफी होता है। हालांकि, ज़्यादातर doctors को और अधिक tests कराने की ज़रुरत पड़ती है।आगे की जांच शुरू करने के लिए, डॉक्टर आमतौर पर पहले यह पता करते हैं कि हर महीने lady ovulate कर रही है या नहीं। इसके लिए, वे महिला से कह सकते हैं कि वह अपने ovulation को घर पर कुछ इस तरह track करें:कई महीनों तक सुबह उठकर अपना temperature नापें और उसमें बदलाव लिखें।कई महीनों तक अपने cervical fluid की condition लिखें।एक ovulation test किट का घर पर ही उपयोग करें (जो pharmacies में उपलब्ध होती है)।Ovulation का पता blood tests या ovary के ultrasound से भी लगाया जा सकता है। अगर ovulation normal पाया जाता है, तो डॉक्टर दूसरे infertility tests की सलाह देते हैं जैसे कि:Hysterosalpingography: इस test में uterus और fallopian tube का X - Ray किया जाता है। डॉक्टर vagina के रास्ते एक special dye uterus में inject करते हैं, जिससे वे देख सकते हैं कि dye fallopian tube और uterus में आराम से move कर पा रहा है या नहीं।यह उन्हें physical blocks का पता लगाने में मदद कर सकता है जो infertility का कारण बन सकते हैं, क्योंकि ये blocks eggs को fallopian tube से uterus तक पहुँचने से रोक सकते हैं। इसकी वजह से sperms का egg तक पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है। 2. Laparoscopy: इस test में lower abdomen पर एक छोटी सी surgery करी जाती है और साथ में एक छोटा सा tool भी use किया जाता है जिसे laproscope कहा जाता है, जिससे पेट के अंदर देखा जा सकता है। डॉक्टर lower abdomen पर एक छोटा सा चीरा लगाते हैं और laproscope डालते हैं। Laproscope के माध्यम से, डॉक्टर ovaries, fallopian tubes और uterus की किसी भी बीमारी या physical problems की जांच कर सकते हैं।Infertility का कारण ढूँढना एक tedious और emotional process हो सकता है। सभी ज़रूरी tests पूरे करने में समय लग सकता है। Regular consultations, patience और positivity ही successful pregnancy की कुंजी है।Source:- https://www.womenshealth.gov/a-z-topics/infertility
अगर आप conceive करने की कोशिश कर रही हैं, तो hope मत छोड़िए। कुछ simple ways से आप अपनी fertility boost कर सकती हैं और pregnant होने के chances बढ़ा सकती हैं।Fertility बढ़ाने को लेकर अभी भी सवाल हैं? भरोसेमंद स्रोतों से सही जवाब पाएं Ask Medwiki पर।5 असरदार तरीके fertility बढ़ाने में आपकी help करेंगे:Healthy Weight maintain करेंआपका weight आपके pregnant होने के chances को affect करता है। बहुत ज़्यादा thin या overweight होने से hormones disturb हो सकते हैं और ovulation मुश्किल हो सकता है। Healthy weight maintain करने और leptin hormone की मदद से body का balance better होता है और fertility भी improve होती है।अच्छा खाना खायेआपकी diet काफ़ी important होता है। Vitamins, minerals और good fats से rich foods आपकी reproductive health को improve करते हैं। अपने meals में leafy vegetables, nuts, seeds, whole grains और healthy proteins शामिल करिए। ये foods vitamins A, D, E, K, magnesium और calcium से भरपूर होते हैं, जो आपके hormones को balance करते हैं और eggs की quality को better बनाते हैं।Stress Levels manage करेंStress conceive करने की ability को affect कर सकता है। यह आपके hormones को disturb करता है जिसके कारण body pregnancy के लिए prepare नहीं कर पाती। Yoga, meditation या daily walk जैसे simple activities से dopamine hormone release होता है, जो mind और body को calm करता है और fertility को support करता है।Ovulation Cycle track करेंअपने ovulation days का पता होना planning के लिए helpful हो सकता है। Ovulation, वो time होता है जब body एक egg release करती है, और यह best time होता है pregnant होने का। Ovulation kits, apps या temperature charts का use करके आप अपने fertile days track कर सकती हैं।Exercise Regular करेंModerate exercise endorphins release करती है, जो body को healthy रखती है और blood circulation boost करती है। यह pregnant होने के chances को improve करता है। लेकिन heavy workouts avoid करिए, क्योंकि ज़्यादा exercise fertility को harm कर सकती है। Balanced activities जैसे walking, swimming या light yoga पर focus करिए।ये steps motherhood की journey को smooth बनाने में help करेंगे। याद रखिए, हर औरत की body different होती है, इसलिए results आने में time लग सकता है।Stay positive, अपनी health का ध्यान रखिए और process पर trust करिए। Patience और care के साथ, आपका mother बनने का dream ज़रूर पूरा हो सकता है।Source:-1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC8634384/ 2. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC6079277/ 3. https://www.nichd.nih.gov/health/topics/reproductivehealth
एवोकाडो न सिर्फ स्वाद और पोषण के लिए जाना जाता है, बल्कि यह हमारे यौन स्वास्थ्य को भी कई तरह से समर्थन दे सकता है। कई लोग इंटरनेट पर “avocado benefits sexually” जैसे शब्द खोजते हैं और सोचते हैं कि क्या यह सच में सेक्स लाइफ को बेहतर बना सकता है। पहली नज़र में यह सिर्फ एक ट्रेंडी फल लग सकता है, लेकिन इसकी पोषक संरचना इसे यौन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बनाती है।ध्यान रखें, avocado sexually benefits कोई जादुई इलाज नहीं है। यह तभी असर दिखाता है जब आप अपनी दिनचर्या में भी स्वस्थ आदतें शामिल करते हैं।क्या आपके मन में एवोकाडो और यौन स्वास्थ्य को लेकर सवाल हैं? भरोसेमंद जवाब पाएं — Ask Medwikiइस लेख में आप जानेंगे कि एवोकाडो में मौजूद पोषक तत्व कैसे हार्मोन संतुलन, रक्त प्रवाह और ऊर्जा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। साथ ही आप पढ़ेंगे कि avocado benefits sexually for men और avocado benefits for females sexually क्या होते हैं, इसे खाने के तरीके और डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए।कैसे यह क्रीमी फल अंतरंगता को सपोर्ट कर सकता हैसाफ बात यह है कि इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक आधार मौजूद हैं। एवोकाडो में स्वस्थ वसा, एंटीऑक्सीडेंट, जिंक, विटामिन E, फोलेट और अन्य कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।ये पोषक तत्व मुख्य रूप से इन चीजों में मददगार होते हैं:• हार्मोन उत्पादन, जैसे पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और महिलाओं में प्रजनन से जुड़े हार्मोन• बेहतर रक्त संचार, जो उत्तेजना और यौन प्रतिक्रिया के लिए जरूरी है• सूजन कम करना और हृदय स्वास्थ्य में सुधार, जो यौन प्रदर्शन को प्रभावित करते हैंकई शोध बताते हैं कि एवोकाडो प्रजनन क्षमता, शुक्राणु गुणवत्ता और यौन क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है।यौन स्वास्थ्य में एवोकाडो के 8 प्रमुख लाभनीचे आठ मुख्य तरीके दिए गए हैं जिनसे avocado benefits sexually हमारी मदद कर सकते हैं।1. हार्मोन संतुलन का समर्थनटेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन जैसे हार्मोन यौन इच्छा और प्रदर्शन से सीधे जुड़े हुए हैं। एवोकाडो में मौजूद हेल्दी फैट और विटामिन E इन हार्मोनों को प्राकृतिक रूप से संतुलित रखने में मदद करते हैं।2. रक्त प्रवाह में सुधारअच्छी रक्त आपूर्ति उत्तेजना और यौन कार्य के लिए जरूरी है। एवोकाडो में मोनोअनसैचुरेटेड फैट हृदय को स्वस्थ रखते हैं और रक्त वाहिकाओं को साफ रखते हैं। इससे पुरुषों में इरेक्शन मजबूत होता है और महिलाओं में संवेदनशीलता बढ़ती है।3. ऊर्जा और सहनशक्ति बढ़ानाथकान और ऊर्जा की कमी सेक्स ड्राइव को कम कर सकती है। एवोकाडो में पाए जाने वाले मैग्नीशियम, हेल्दी फैट और B विटामिन शरीर को लगातार ऊर्जा देते हैं, जिससे यौन प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।4. तनाव और चिंता कम करनातनाव यौन स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। एवोकाडो में मौजूद पोटैशियम और फोलेट तंत्रिका तंत्र को शांत रखने में मदद करते हैं, जिससे चिंता कम होती है और अंतरंगता आसान महसूस होती है।5. प्रजनन क्षमता और शुक्राणु गुणवत्ता बढ़ानाएवोकाडो में जिंक, विटामिन E और फोलेट होते हैं जो पुरुषों में स्पर्म उत्पादन और गतिशीलता में मदद करते हैं। महिलाओं में ये पोषक तत्व ओव्यूलेशन और प्रजनन क्षमता को बेहतर करते हैं।6. स्वस्थ वजन बनाए रखने में मददअधिक वजन कई बार यौन इच्छा कम कर देता है और इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ाता है। एवोकाडो पेट भरकर खाने में मदद करता है, cravings कम करता है और वजन नियंत्रण में सहायता करता है।7. सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव कम करनाएवोकाडो में विटामिन C, विटामिन E और कैरोटेनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो सूजन कम करते हैं और रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाते हैं।8. भावनात्मक और शारीरिक जुड़ाव बढ़ानासिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य भी यौन जीवन को प्रभावित करता है। एवोकाडो में मौजूद मैग्नीशियम और ओमेगा 3 मूड सुधारते हैं और आपको शांत व आत्मविश्वासी महसूस कराते हैं।क्या एवोकाडो का बीज भी फायदे देता हैकुछ शुरुआती शोध बताते हैं कि avocado seed benefits sexually हो सकते हैं, लेकिन ये रिसर्च अभी बहुत सीमित है।मानव उपयोग के लिए बीज को खाना सुरक्षित नहीं माना जाता। फिलहाल विशेषज्ञों की सलाह है कि बीज की बजाय फल के गूदे पर ध्यान दिया जाए।एवोकाडो को अपने भोजन में कैसे शामिल करेंयौन स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए एवोकाडो को नियमित भोजन में शामिल करें।• नाश्ते में टोस्ट, स्मूदी या अंडे के साथ• दोपहर के भोजन में सलाद, सैंडविच या रैप में• रात के खाने में सूप या सॉस में• स्नैक के रूप में थोड़ा नमक और काली मिर्च डालकरयाद रखें, केवल एवोकाडो यौन समस्याओं का समाधान नहीं करता। अच्छी नींद, कम तनाव, व्यायाम और संतुलित भोजन भी जरूरी हैं।गर्भावस्था में एवोकाडो कितना सुरक्षित हैएवोकाडो सामान्य रूप से गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित माना जाता है।यह फोलेट, पोटैशियम और स्वस्थ वसा से भरपूर होता है, जो बच्चे के दिमाग और ऊतकों के विकास में सहायक होते हैं।हल्के cramps कम करने और पोषण संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है।अगर आपको किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या एलर्जी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।कौन लोग सबसे ज्यादा लाभ पा सकते हैं• हल्की यौन प्रदर्शन समस्याओं या कम ऊर्जा वाले पुरुष• हार्मोन संतुलन और प्रजनन स्वास्थ्य चाहने वाली महिलाएं• हृदय स्वास्थ्य या वजन नियंत्रण पर काम कर रहे लोगलेकिन अगर समस्या गंभीर हो, जैसे ED, हार्मोनल विकार या बांझपन, तो केवल एवोकाडो पर निर्भर न रहें। डॉक्टर से सलाह जरूर लें।निष्कर्षजब आप “avocado benefits sexually” खोजते हैं, तो आप वास्तव में जानना चाहते हैं कि यह पोषक फल कैसे हार्मोन, रक्त प्रवाह, ऊर्जा और प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाता है।एवोकाडो अकेले हर समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन एक हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ यह यौन स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा सपोर्ट बन सकता है।चाहे पुरुष हों या महिलाएं, एवोकाडो आपके शरीर की पोषण जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है और स्वस्थ संबंधों की नींव मजबूत करता है।अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न1. क्या एवोकाडो पुरुषों के शुक्राणु और यौन स्वास्थ्य के लिए अच्छा हैहाँ। एवोकाडो में जिंक और विटामिन E होते हैं जो शुक्राणु गुणवत्ता और यौन स्वास्थ्य को समर्थन देते हैं।2. क्या महिलाओं को भी एवोकाडो से यौन स्वास्थ्य लाभ मिलते हैंहाँ। फोलेट, हेल्दी फैट और एंटीऑक्सीडेंट महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर करते हैं।3. क्या एवोकाडो तुरंत libido बढ़ाता हैनहीं। यह कोई तत्काल असर देने वाला फल नहीं है। नियमित सेवन और स्वस्थ आदतों से लाभ मिलता है।4. वैज्ञानिक प्रमाण कितने मजबूत हैंकई छोटे शोध संबंध दिखाते हैं, लेकिन अभी और अध्ययन की जरूरत है।5. कितना एवोकाडो खाना चाहिएआधे से एक एवोकाडो का सेवन सप्ताह में कुछ बार पर्याप्त है।6. क्या एवोकाडो खाने से जोखिम भी हैअगर एलर्जी हो, या अत्यधिक कैलोरी ले रहे हों, तो सावधानी रखें।7. क्या एवोकाडो का बीज यौन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैअभी बहुत सीमित शोध है। बीज खाने की सलाह नहीं दी जाती।Source:- 1. https://www.pennmedicine.org/updates/blogs/health-and-wellness/2017/february/food-for-libido 2. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3664913/
यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या (UTI), जिसे पेशाब का इंफेक्शन भी कहते हैं, ये आमतौर पर महिलाओं में होने वाली समस्या है, जिसमें पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आने जैसी शिकायत होती है। लेकिन क्या UTI पुरुषों में भी हो सकता है?इस वीडियो में हम जानेंगे कि पुरुषों में UTI होने के कारण क्या-क्या हो सकते हैं। चलिए शुरू करते हैं:सबसे पहले हम जानेंगे कि UTI क्या होता है?UTI एक तरह का इंफेक्शन है जो आपके पेशाब की नली या रास्ते में यानी यूरीनरी सिस्टम में कहीं भी हो सकता है। और UTI तब होता है जब कोई बैक्टीरिया आपके शरीर में पेशाब के रास्ते से होकर किडनी, ब्लैडर, यूरीटर्स और यूरीथ्रा में पहुंच जाता है।तो क्या पुरुषों में UTI हो सकता है?हाँ, पुरुषों में भी UTI हो सकता है, लेकिन इसका रिस्क महिलाओं के मुकाबले बहुत कम होता है। पुरुषों में UTI सबसे ज्यादा ब्लैडर (पेशाब की थैली) और यूरीथ्रा (पेशाब निकालने का रास्ता) में होता है।अब बात करते हैं कि पुरुषों में UTI कैसे होता है और इसके कारण क्या हैं?पुरुषों में UTI होने का सबसे आम कारण है Escherichia coli (E. coli) बैक्टीरिया, जो आमतौर पर हमारी आंतों में पाया जाता है। ये बैक्टीरिया पुरुषों के यूरीनरी ट्रैक्ट में घुस सकता है खराब सफाई, सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान, या फिर जब आप टॉयलेट जाते हैं, तब ये टॉयलेट के रास्ते से होकर पेशाब के रास्ते में आ जाता है। E. coli के पास छोटे-छोटे पैर जैसे होते हैं जिनसे ये बैक्टीरिया पेशाब की नली में जाकर उसकी दीवारों पर चिपक जाता है और वहां तेजी से बढ़ने लगता है। इसके कारण पेशाब की नली में सूजन आ जाती है और पेशाब करने में दिक्कत होने लगती है। जब पेशाब का फ्लो ठीक से नहीं हो पाता, तो इंफेक्शन और बढ़ता है। इस इंफेक्शन से लड़ने के लिए हमारा इम्यून सिस्टम WBC (सफेद रक्त कणिकाएं) बनाता है जो इंफेक्शन वाली जगह पर पहुंचती हैं, और इसके कारण पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, या पेशाब से बदबू आना जैसे लक्षण हो सकते हैं।तो ऐसे होता है पुरुषों में UTI। इसके अलावा और भी कारण हो सकते हैं जैसे कि प्रोस्टेट का बढ़ जाना, किडनी स्टोन, डायबिटीज, यूरिन कैथेटर का इस्तेमाल, या कमजोर इम्युनिटी की वजह से भी UTI हो सकता है।Source:- 1. https://www.researchgate.net/publication/8123739_Urinary_tract_infection_in_men 2. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK436013/









